आसनसोल : बीते 4 अप्रैल 2011 को चुनाव प्रचार के दौरान टीएमसी उम्मीदवार प्रभात चटर्जी जमुड़िया के बारूल गांव प्रचार करने के लिए गए थे। इस दौरान उनके के ऊपर हुए सीपीएम कार्यकर्ताओं ने घेर कर हमला कर दिया। हमले के दौरान बचाने गए रोबिन काजी को सीपीएम नेता अरविंद बाउरी उर्फ दीनू के नेतृत्व में पीट-पीटकर मार दिया गया था।जिसकी केस अदालत में चल रही थी। बुधवार को आसनसोल अदालत की जज सरना सेन प्रसाद ने सीपीएम कार्यकर्ता अरविंद बाउड़ी उर्फ दीनू को टीएमसी नेता रोबिन काजी के हत्या का दोषी पायी। उन्होंने रोबिन काजी के हत्या के जुर्म में अरविंद बाउरी उर्फ दिनू को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इसके साथ ही ₹10000 का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने के एवज में 6 महीना का अतिरिक्त कारावास का निर्देश दिया गया है। इस संबंध में सरकारी वकील बिनानंद चटर्जी ने कहा कि इस मामले में कुल 17 लोगों ने गवाह दिया। उनलोगों ने यह कहा कि रॉबिन काजी को कुचल कुचल कर मारा गया था। कोर्ट ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में कुल 24 आरोपी थे। जिसमें 2 लोग मर चुके हैं। 21 आरोपियों को लोगों को कोर्ट ने दोषमुक्त पाया है। जिसने सीपीएम नेता मनोज दत्त भी हैं। वही अरविंद बाउरी उर्फ दिनू को उम्र कैद की सजा हुई है।
गौरतलब है कि इस घटना के बाद तत्कालीन रेल मंत्री ममता बनर्जी रोबिन काजी के घर पहुंची थी। उनके परिजनों को आश्वासन दिया कि कातिलों की जल्द पकड़ा जाएगा एवं न्याय मिलेगा। ममता बनर्जी ने रोबिन काजी के पुत्र सोहेल काजी को नौकरी देने का आश्वासन भी दिया था। वर्तमान में सोहेल काजी नौकरी कर रहा है। आज के इस फैसले पर रोबिन काजी की पत्नी लतिका काजी ने कहा कि हमें इस दिन का इंतजार था। हालांकि हमें न्याय मिलने में 11 साल लग गए।लेकिन हमें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा था।









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