आसनसोल: पश्चिम बंगाल में हिंदू, मुस्लिम, ईसाई का अपना वैवाहिक कानून है. लेकिन सिक्ख समुदाय का अपना वैवाहिक कानून नहीं था. उनके मैरिज सर्टिफिकेट पर धर्म को हिंदू के रूप में दर्शाया जाता था. जिसको लेकर पिछले 3 वर्षों से सिक्ख समुदाय के द्वारा सिक्खों के वैवाहिक कानून आनंद कारज को पश्चिम बंगाल में भी कानूनी मान्यता देने के लिए आंदोलन की जा रही थी. सिखों की मांग पर पहल करते हुए राज्य सरकार ने आनंद कारज एक्ट पर बीते 2 नवंबर को मुहर लगा दी है. अगले हफ्ते इसका नोटिफिकेशन किया जाएगा. नोटिफिकेशन होने के बाद ही आनंद कारज एक कानून का रूप ले लेगा. इसकी जानकारी देने के लिए शनिवार को बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के द्वारा बर्नपुर गुरुद्वारा में एक प्रेस वार्ता आयोजित की गई. जिसमें बर्नपुर गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के सचिव सुरेंद्र सिंह, दुर्गापुर गुरुद्वारा कमेटी के सेवादार तेजिंदर सिंह बल, मनमोहन सिंह आदि उपस्थित थे. इस मौके पर तेजिंदर सिंह बल ने बताया कि सभी धर्मों का अपना-अपना मैरिज एक्ट है. लेकिन सिख धर्म का मैरिज नहीं था. 1909 में अंग्रेजों ने इसको लेकर कानून बनाना चाहा लेकिन कानून नहीं बन सका. इसलिए सिक्खो के मैरिज एक्ट पर धर्म के जगह पर हिंदू दर्शाया जाता है. 2012 में केंद्र सरकार ने आनंद कारज एक्ट को मान्यता दी. 22 राज्यों में यह एक्ट कानूनी रूप से लागू है लेकिन बंगाल पंजाब में अभी तक यह एक लागू नहीं हो सका है. 3 वर्ष पहले सुरेंद्र सिंह ने पश्चिम बंगाल में भी इस एक्ट को लागू करने के लेकर आंदोलन छेड़ा. जिसके बाद से पूरे राज्य सिख समुदाय के लोगों ने उनके आंदोलन को समर्थन किया. इसमें राज्य के कानून मंत्री मलय घटक का विशेष सहयोग रहा. उनके मार्गदर्शन में बीते 2 नवंबर को कैबिनेट में इस आनंद कारज एक्ट को मंजूरी दे दी. शुक्रवार को सिख समुदाय के लोगों के साथ नवान्न के कानून मंत्रालय कार्यालय में कुछ विषयों को लेकर बातचीत हुई. अगले हफ्ते में ही इसका नोटिफिकेशन कर दिया जाएगा. जिसके बाद आनंद कारज एक कानूनी मान्यता प्राप्त कर लेगा लेकिन हम लोगों की एक मांग है कि आनंद कारज एक्ट की जगह इसे सिक्ख मेैरेज एक्ट के रूप में लिखा जाए. क्योंकि आनंद कारज एक्ट सिखों की विवाहिक पद्धति है. विवाहिक पद्धति पर किसी एक्ट का नाम नहीं हो सकता. इसलिए हमारे भी एक्ट को सिक्ख मैरिज एक्ट के रूप में लिखा जाए. वहीं दूसरी ओर बर्नपुर सिक्ख संगत ने भी एक प्रेस वार्ता किया. सिक्ख संगत के एक सदस्य जसविंदर सिंह धूमन ने कहा कि मंत्री मलय घटक ने उन लोगों को बुलाया था. वे लोग मंत्री से मुलाकात की. मंत्री ने उन्हें बताया कि आनंद कराज एक्ट को मंजूरी दे दी गई है. जल्द ही इसका नोटिफिकेशन भी कर दिया जाएगा. गुरुद्वारा में ही उनको के सर्टिफिकेट मिलेगी. गुरुग्रंथी के माध्यम से उनको सर्टिफिकेट दिया जाएगा. पैसा भी वही जमा देना होगा। कुछ कागजात उन्होंने मांगा है जिसको वे लोग जल्द ही जमा कर देंगे.









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