रांनीगंज- 6 वर्षो के पश्चात रानीगंज के श्री महाबीर व्यायाम समिति द्वारा बुधवार की सन्ध्या को आयोजित कवि सम्मेलन 'काव्य कलश' से निकली कविता से देर रात तक श्रोता सरोबार हुए. देश के नामी गिरामी कवि- कवियित्रीयों ने इस काव्य सन्ध्या में एक से बढ़कर कई कविता को प्रस्तुत किया .कवि सम्मेलन के पूर्व अथितियों तथा कवियों को सम्मानित करते हुए काव्य कलश के संयोजक संजय झुनझुनवाला ने संचालन करते हुए कहा कि रानीगंज का आसपास के क्षेत्र में हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए रानीगंज के श्री महावीर व्यायाम समिति द्वारा यह पहल की गयी. रानीगंज के इसी स्थान पर 7 दशक पूर्व चालू हुए कवि सम्मेलन कि परम्परा को आज भी बचाये रखने में हम सफल हो पा रहे हैं. सर्वप्रथम इस कवि सम्मेलन में रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी,आसनसोल नगर निगम के चैयरमेन अमरनाथ चटर्जी,समाजसेवी राजेन्द्र प्रसाद खैतान, रमेश लोयलका कवि सम्मेलन के मुख्य प्रयोजक श्याम सुंदर चाँदीवाला के मालिक सूंदर भालोटिया, सह प्रयोजक श्याम एग्रो बायोटेक के निदेशक शम्भू अग्रवाल,हनुमंता फ़ूड प्रोडक्टस के निदेशक ललित झुनझुनवाला तथा कवियों को सम्मानित किया गया.
.इन कवियों में मध्य प्रदेश के कवि डॉ शशिकांत यादव कवि सम्मेलन का संचालन का जिम्मा उठाया.
अलीगढ़ उत्तर प्रदेश से देश की सर्वेश्रेष्ठ गीतकार मुमताज नसीम ने सरस्वती वंदना "है सरस्वती मां तेरे चरणों में अर्पण मेरे दो जहां" से शुभारंभ की गयी.
जबकि बनारस के डॉ अनिल चौबे अपने ठेठ बनारसी अंदाज में काव्य पाठ करते हुए लोगो को खूब हंसाते हुए कहा कि सौन्दर्यता नाली में भी होती है बस आंखों में सुअर की तरह दृष्टि होनी चाहिए. जयपुर राजस्थान से पधारे अशोक चारण की प्रस्तुत वीर रस की कविता में कोरोना महामारी पर भारतवासीयो द्वारा काबू पाने को लेकर कविता में कहा कि" हम हिंदुस्तानी अगर अपनी पर आ जाये तो महामारयों को भी घमंड तोड़ देते है". इंदौर से आई काव्य कोकिला डॉ भुवन मोहिनी ने श्रृंगार रस की कविता पढ़ते हुए कहा कि "चांद को पाने की जिद पर खिड़की खोली रात भर " सहित कई कविता सुनाए.
हिंदी काव्य सम्मेलन के सम्राट दिल्ली के डॉ प्रवीण शुक्ल ने अपने जन्म दिन मनाते हुए आयोजकों के साथ मिलकर केक काटे .उनके द्वारा प्रस्तुत कविता "यहां महलों में भी अब बस रहा झूठ की साया, कभी कच्चे मकानों में रहते थे सच्चे लोग" .हिंदी कवि सम्मेलन के उभरता सितारा दिल्ली के चिराग जैन ने राजस्थानी भाषा मे कई कविता तथा हास्य व्यंग्य पेश करते हुए कहा की "पिछले दिन भारत में लाये गये चीते अपनी स्वागत देख कर कन्फ्यूज हो गये कह कि भारत में लाये गये या भाजपा में".वहीं कवि शशिकांत यादव द्वारा प्रस्तुत हास्य व्यंग्य ने श्रोताओं को खूब गुदगुदाते हुवे खूब तालियां बटोरी.इस कवि सम्मेलन को सफल बनाने में श्री महावीर व्यायाम समिति के अध्यक्ष शरत कानोडिया,काव्य कलश के संयोजक संजय झुनझुनवाला, श्री महावीर व्यायाम समिति के सचिव अंकुर केडिया, संयुक्त सचिव निकुंज झुनझुनवाला,कोषाध्यक्ष अभिषेक पोद्दार, संयुक्त कोषाध्यक्ष अनुज पारीक, कोऑर्डिनेटर रवि शर्मा तथा अन्य सदस्यों की अहम भूमिका रही.










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