जामुड़िया:–वर्ष 1989 के महाबीर कोलियरी के खान दुर्घटना पर बनाये जा रहे फ़िल्म "कैप्सूल गिल" के सेट निर्माण के लिए शनिवार को ईसीएल के श्रीपुर एरिया अन्तर्गत निंघा कोलियरी में स्थानीय प्रबंधन के आंखों के सामने फिल्म निर्माता टीम ईसीएल के सुरक्षा नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए देखा गया.
शनिवार को टीम निंघा कोलियरी का निरीक्षण करने एवं सेट तैयार करने के लिए पहुंची थी, उसी दौरान फिल्म के निर्देशक टीनू सुरेश देसाई इलाके का अवलोकन करने के लिए बिना किसी सुरक्षा तैयारी एवं बिना हेल्मेट एवं कोलियरी के जूते के अचानक निंघा कोलियरी के 5 नंबर चानक के लगभग 70 फूट ऊंची डोली पर चढ़ गए, फिल्म निर्माण टीम के अन्य कई सदस्यों को भी कोलियरी के अंदर सुरक्षा की अनदेखी करते हुए देखा गया .ज्ञात हो कि एक ओर जहां सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए पूरे ईसीएल में पूरे जोर शोर से सुरक्षा सप्ताह पालन किया जा रहा है, वहीं इस तरह की बड़ी लापरवाही एक बड़ी दुर्घटना को आमंत्रित देते नजर आए.हालांकि इस संबंध में श्रीपुर एरिया के महाप्रबंधक मुकेश कुमार जोशी से ने कहा सुरक्षा के नियम सभी को पालन करने चाहिये, दुर्घटना निमंत्रण देकर नहीं आती है. श्री जोशी ने कहा कि फिल्म निर्माण करने वाले सभी लोग मुंबई के हैं, जानकारी के आभाव में ही इस तरह की घटना हुई है. उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना पुनः ना हो, इस पर प्रबन्धन ध्यान रखेगी . पर्सनल मैनेजर ए के मजूमदार ने इस बात को नजर अंदाज करते उल्टा उन्होंने समझाने का प्रयास करते हया कहा कि महावीर कोलियरी की सत्य घटना को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दर्शाने के लिए यह फिल्म बन रही है एवं इस फिल्म को बनाने के लिए श्रीपुर एरिया के कोलियरियो का चयन किया गया है, यह श्रीपुर एरिया सहित पूरे कोयलांचल के लोगों के लिए गर्व की बात है. इतने बड़े काम में कुछ गलतियां हो जाती हैं, इसलिए इसमें इस तरह की छोटी छोटी बातों को नजरंदाज करना चाहिए.अब सवाल।यह उठता है कि बिना जानकार एक नामी गिरामी फ़िल्म निर्माता सुरक्षा के नियम को ताक पर रखकर 70 फुट ऊंचा डोली पर अचानक चढ़ जाता है,एवं इस दौरान कोई दुर्घटना घट जाती तो क्या वह भी राष्ट्रीय या अंतराष्ट्रीय स्तर की घटना नहीं मानी जाती,ईसीएल प्रबन्धन उस वक्त क्या कह कर अपना पल्ला झाड़ती.



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