दुर्गापुर के सिटी सेंटर बंगाल अंबुजा स्थित निजी अस्पताल की घटना
महकमा शासक के पास परिजनों ने कराया शिकायत दर्ज
दुर्गापुर: राज्य सरकार की प्रमुख स्वास्थ्य साथी कार्ड योजना के जरिए मरीजों का इलाज मुफ्त में किया जाता है. सरकारी हो या प्राइवेट अस्पतालो में कार्ड धारकों का मुफ्त में इलाज करने का नियम है. लेकिन दुर्गापुर एक प्राइवेट अस्पताल पर इलाज रत मरीज के परिजनों ने स्वास्थ्य साथी कार्ड रहते हुए भी 65 हजार मांगने का आरोप लगाया है. अस्पताल के खिलाफ महकमा शासक के पास शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है. परिजनों द्वारा शिकायत मिलते ही महकमा शासक ने मामले की जांच करने का आदेश दिया .उल्लेखनीय है कि बेनाचिटी के महिष्कापुर प्लॉट इलाका निवासी शांतनु सेन अपनी 85 वर्षीय वृद्ध दादी को निमोनिया की शिकायत पर 4 नवंबर को सिटी सेंटर के बंगाल अंबुजा स्थित सात्विक हॉस्पिटल में स्वास्थ्य साथी कार्ड के तहत भर्ती कराया था. जहां पांच दिन इलाज के बाद मरीज स्वास्थ्य हो गई थी. शांतनु सेन ने आरोप लगाया कि भर्ती होने के समय अस्पताल ने दो बार में 15 हजार रुपए मांगे थे.किसी तरह उस रुपए की भुगतान कर दी गई थी. गुरुवार मरीज को अस्पताल से छुट्टी करने के बात पर अस्पताल वालों ने 65 हजार रुपए मांगने लगे. रुपया का भुगतान का रसीद भी अस्पताल नही दे रहा है, रुपए का भुगतान ऑनलाइन के जरिए न कर नगद तरीके से करने का दबाव बनाया जा रहा है.रुपया का भुगतान के बाद ही मरीज को अस्पताल से छोड़ने का बार बार दबाव दिया जा रहा है. अस्पताल की हरकत देख स्थानीय पुलिस को सूचित किया गया एवं महकमा शासक को लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है. इस बारे में निगम के प्रशासक मंडली के सदस्य राखी तिवारी, महकमा शासक सौरव चटर्जी एवं जिला उपस्वास्थ्य अधिकारी केका चक्रवर्ती ने कहा कि स्वास्थ्य साथी कार्ड के तहत इलाज रत मरीज अस्पताल किसी भी प्रकार का रुपया नही ले सकता है. स्वास्थ्य साथी कार्ड वाले मरीजों का इलाज मुफ्त में होता है .मरीज से रुपया मांगना गलत है. घटने की शिकायत मिली है . मामले की जांच शुरू की गई है. वहीं इस बारे में अस्पताल प्रबंधन की कोई भी बयान नहीं दिया .










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