आसनसोल : आसनसोल नगर निगम में हुई बोर्ड की बैठक गुरुवार को हुई। इस बोर्ड बैठक में आसनसोल नगर निगम के मेयर विधान उपाध्याय, नगर निगम के अध्यक्ष अमरनाथ चटर्जी, नगर निगम के दो उपमेयर वसीमुल हक व अभिजीत घटक मौजूद रहे। आज की बोर्ड बैठक में टैक्स, बिल्डिंग प्लान,काली पूजा और छठ पूजा पर भी चर्चा हुई। बैठक के विषय में नियर विधान उपाध्याय ने बताया कि जिस तरह दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण ढंग से मनाने में सभी पार्षदों ने सहयोग दिया। काली पूजा और छठ पूजा में भी पार्षद अपनी भूमिका को निभाएंगे। इसमें नगर निगम के तरफ से उन्हें पूरा सहयोग मिलेगा।उन्होंने कहा कि बोर्ड मीटिंग में नगर निगम के टैक्स के बढ़ाये जाने के मुद्दे पर चर्चा हुई।।साथ ही आसनसोल नगर निगम के बिना नक्शा पास कराए, बिना अनुमति लिए हुए जो भी अवैध निर्माण हुआ है। वहां उन्होंने दौरा किया। उनके मालिकों से कागजात जमा करने को कहा गया है। इसकी जानकारी सभी पार्षदों को दी गई। मेयर ने कहा कि 28 नंबर वार्ड के पार्षद गुलाम सरवर ने नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों के सेवानिवृत्ति के बाद कार्यकाल नहीं बढ़ाने के लिए पत्र दिया था। हमलोग उनके मांग से सहमत हैं। किसी भी कर्मचारी या अधिकारी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। 1-2 अनुभवी लोग हैं। जिन्हें केवल 3 से 4 महीना का कार्यकाल बढ़ाने का मौका दिया जाएगा।इसके बाद उन्हें कोई मौका नहीं मिलेगा।
चर्चा करने का मौका नहीं दिया गया -गुलाम सरवर
आज की बोर्ड की बैठक में दो मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 28 नंबर वार्ड के कांग्रेसी पार्षद गुलाम सरवर ने चेयरमैन को पत्र दिया था। लेकिन गुलाम सरवर का कहना है कि यह बैठक केवल बैठक ही बनकर रह गई। इस बैठक में दो मुद्दे पर उन्होंने चर्चा करने का पत्र दिया था। लेकिन उस पर चर्चा करने का मौका नहीं दिया गया। क्योंकि चेयरमैन अमरनाथ चटर्जी ने कहा कि किसी भी मुद्दे पर चर्चा करने के लिए 2 पार्षदों का हस्ताक्षर जरूरी है। लेकिन कोई भी पार्षद दो पार्षदों का हस्ताक्षर वाली पत्र नहीं दिए हैं इसलिए किसी को चर्चा करने की मौका नहीं दी जा रही है। जबकि यह नियम पहले खत्म कर दी गई थी। इसके पहले बोर्ड में भी हमलोगों ने इस तरह ही पत्र दिया था और चर्चा भी हुई थी। लेकिन पहले का नियम चेयरमैन ने इस बोर्ड में लागू कर दिया। जिसके कारण चर्चा करने का मौका नहीं मिला। उनसे जब नियमावली के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि इस नियम को सचिव बताएंगे। जबकि सचिव ने जो नियम दिखाया उसमें स्पष्ट लिखा है कि अर्जेंट के लिए दो पार्षदों का हस्ताक्षर जरूरी है। जबकि मेरा मुद्दा अर्जेंट नहीं था। मैंने 3 दिन पहले ही बता दिया था। हालांकि चेयरमैन ने कहा कि उन्होंने जो मांग की है उससे बोर्ड सहमत है और किसी का कार्यकाल नहीं बढ़ाया जाएगा। लेकिन यह हमारा विषय था। इस पर लंबी चर्चा होनी बहुत जरूरी थी। गुलाम सरवर ने कहा कि मेयर ने उन्हें शुक्रवार को चेंबर में बैठकर चर्चा करने का समय दिया है।
टीएमसी पार्षद रणबीर सिंह उर्फ जीतू से नाराज हुए मेयर
बोर्ड बैठक के दौरान एक समय ऐसा भी आया जब मेयर विधान उपाध्याय ने अपने ही पार्टी के पार्षद रणबीर सिंह उर्फ जीतू के व्यवहार से नाराजगी जताई और उन्हें बोर्ड से बाहर करने की चेतावनी भी दे डाली। हुआ कि जब मेयर विधान उपाध्याय पार्षदों को संबोधित कर रहे थे, तो जीतू सिंह बार-बार टोका टोकी कर रहे थे। इसको लेकर मेयर बेहद नाराज हो गए। उन्होंने जीतू सिंह को चेतावनी देते हुए कहा कि पहले पूरी तरह से वह उनका बात सुने। उसके बाद उन्हें जो प्रश्न करना है करें। पूरा बात सुने बिना टोका टोकी ना करें। यदि बार बार वे ऐसा करेंगे, तो उन्हें बोर्ड मीटिंग में से बाहर कर दिया जाएगा। साथ ही उनका बोर्ड मीटिंग में आना भी बंद हो जाएगा।









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