रानीगंज-कुम्हार पाड़ा के नाम से मशहूर रानीगंज थानान्तर्गत रानीगंज का कुम्हार मोहल्ला में अभी भारी व्यस्तता मूर्तिकारों में देखी जा रही है. चार दिन के अंदर काली पूजा के लिए काली मूर्ति बनाकर उसे पूजा मंडप तक पहुंचाना है, इसके लिए मूर्तिकार अब श्यामा मां की मूर्ति और काली मां का अंतिम श्रृंगार करने में लगे हैं . इस बार मूर्तिकार कुछ अनोखी मूर्तियाँ भी बना रहे हैं. मूर्तिकारों का कहना है कि मूर्तियों की कीमतें वहीं हैं, भले ही सामग्री की कीमतें अधिक हो गयी है. इस बार उन्होंने 1500 से 7000 रुपए की काली मूर्तियों का निर्माण किया है .रानीगंज के चार अलग अलग स्थानों में मूर्तिकारों ने इस साल की काली पूजा के लिए 250 से ज्यादा मूर्तियां बनाई हैं. उनका कहना है कि लगभग 90% मूर्तियां का एडवांस हो चुकी हैं, लेकिन उन्हें जो कीमत मूर्तियों की मिल रही है उसमें नाममात्र की फायदा है.मूर्तिकार रंजीत कुमार का कहना है कि कोरोना काल के पश्चात इस बार उम्मीद थी कि अच्छी खासी बाजार होगी, पर सजावट की सामग्री ,कपड़े तथा मिट्टी ,बांस की कीमत इतनी अधिक बढ़ गयी है कि पूजा आयोजक कमिटी इस महंगाई को समझना नहीं चाहते हैं,एवं पुराने कीमत पर ही मूर्ति ले जाना चाहते है.जोर जबरदस्ती कुछ दाम बढ़ा कर दे रहे है.









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