रांनीगंज- आसनसोल के सांसद शत्रुघ्न सिन्हा शुक्रवार की शाम रानीगंज के बरदही छठ घाट पहुंचे. वहां पर पत्रकारों ने उनसे भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों के बारे में पूछा, जिनमें भाजपा नेता जितेंद्र तिवारी द्वारा उन पर ये आरोप लगाया जा रहा था कि बिहारी बाबू शत्रुघ्न सिन्हा हिंदी भाषियों का वोट तो ले लेते हैं लेकिन हिंदी भाषियों के सबसे बड़े त्यौहार छठ पूजा में वह अपने संसदीय क्षेत्र से नदारद रहते हैं, दो दिन पहले शत्रुघ्न सिन्हा के लापता होने के पोस्टर भी आसनसोल के कुछ इलाकों में लगाए गए थे. इन सवालों का जवाब देते हुए शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि उन्हें इन सवालों का जवाब देने की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि आसनसोल की जनता जानती है कि वह हमेशा उनके हर सुख दुख में साथ रहते हैं .उन्होंने बताया कि अभी दुर्गा पूजा में ही 7 दिन यहां रहे हैं. सिर्फ आसनसोल ही नहीं दुर्गापुर बैरकपुर दमदम आदि स्थानों पर भी वह गए और वहां पर उन्होंने कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया . शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि इससे पहले जब वह चुनाव जीते थे उसके बाद भी 8 दिनों तक लगातार यहां रहे थे और सबको धन्यवाद दिया था .सांसद ने कहा कि छठ आस्था का महापर्व है और वह एक ऐसे परिवार से आते हैं. जहां उनकी मां ने 65 सालों तक लगातार बिना किसी रुकावट के छठ का पर्व मनाया है ,जो कि एक रिकॉर्ड भी बन गया है. ऐसे परिवार से आकर क्या वह छठ की महत्ता को नहीं समझेंगे. यह हो नहीं सकता. उन्होंने उनके लिए लापता पोस्टर लगाने की बात कहने को विरोधियों का षड्यंत्र करार दिया और कहा कि वह हर महीने यहां आते हैं 10 से 15 दिन यहां रहते हैं ऐसे में उनके लापता हो जाने की बात सरासर बेबुनियाद है .ऐसे पोस्टर लगाने वाले के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किये जाने की बात भी कहा. शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि इससे पहले जितने भी छठ पर्व हुए हैं उन्होंने पटना में ही छठ बनाया है. यह पहली बार है कि वह पटना से दूर अपने संसदीय क्षेत्र आसनसोल में छठ मना रहे हैं. उन्होंने कहा कि छठ आस्था का महापर्व है और सभी को ऐसे भाईचारे और सद्भाव के साथ मनाना चाहिए. उन्होंने छठ मैया से सभी के लिए प्रार्थना की ताकि सब स्वस्थ रहें सुरक्षित रहें और जीवन में तरक्की करें.



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