आसनसोल : पढ़ने लिखने के बावजूद प्रेमी युगल जब अपने प्यार के परीक्षा में पास नहीं हो सके तो जीते जी ना सही मर कर भी अपने प्यार को अमर करने के लिए आत्महत्या का रास्ता चुना। जो यह दर्शाता है कि उनका प्यार परिपक्व नहीं था। यदि वे प्रेमी जोड़ा परिपक्व रहते, तो कभी भी ऐसा राह नहीं अपनाते। उनके इस कृत्य से पूरा इलाके के लोगों का दिल दहल गया। यह दिल दहला देने वाली घटना घटी है आसनसोल नगर निगम के 14 नंबर वार्ड के कल्ला स्थित इंडियन ऑयल के चासी पाड़ा में जहां आसनसोल अरुणोदय स्कूल के 12वीं कक्षा के छात्र राहुल पासवान (17)ने शनिवार की सुबह सुबह अपने घर में ही गले में फांसी का फंदा लगाकर झूल गया। घर वालों ने जब उसका झूलता हुआ शव देखा, तो चीख-पुकार मच गई। जिसके कारण स्थानीय लोग भी एकत्रित हो गए। मौके पर वार्ड के पार्षद उत्पल सिन्हा भी पहुंचे। इसकी सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस शव को अपने कब्जे में कर पोस्टमार्टम के लिए आसनसोल जिला अस्पताल भेजा। अभी इधर पोस्टमार्टम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि उसी इलाके के ही राहुल के घर के समीप ही एक सब्जी विक्रेता कमल देव सिंह की पुत्री अरुणोदय स्कूल के कक्षा 12वीं की छात्रा पूनम कुमारी (17) ने अपने घर के सामने इंडियन आयल के समीप स्थित ईसीएल के एक परित्यक्त खदान में कूदकर अपनी जान दे दी। देखते ही देखते घटनास्थल पर लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। पार्षद भी पहुंचे पार्षद ने इसकी सूचना उत्तर थाना पुलिस को दी। पुलिस फायर बिग्रेड टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंची और शव को खोजने की भरपूर कोशिश की लेकिन शव नहीं मिला।
रविवार की सुबह तक भी शव को खोजने का कार्य लगातार जारी है। शव को निकालने के लिए ईसीएल के सीतारामपुर स्थित रेस्क्यू टीम 12 लोगों की टीम के साथ क्रेन की मदद से निकालने की कोशिश की परंतु तो का पता नहीं चल पाया।
इस विषय पर घटनास्थल पर मौजूद ईसीएल के भनोड़ा ओपन माइंड्स के कांटा बाबू प्राण गोप ने बताया कि श्रीपुर एरिया के महाप्रबंधक एमके जोशी के नेतृत्व में ईसीएल की रेस्क्यू टीम बचाव कार्य में लगी हुई है। ईसीएल की रेस्क्यू टीम सीनियर ओवरमैन मोहम्मद आजाद के नेतृत्व में बचाव कार्य में लगी हुई है। रेस्क्यू टीम ने ट्रेन के मदद से खदान में उतर कर कांटा लगा कर शव का पता लगाने की कोशिश की परंतु शव निकालने में सफलता नहीं मिलने के कारण। कोलकाता के एनडीआरएफ टीम को खबर दी गई है। कोलकाता से एमडीआरएफ की 26 दलों की टीम घटनास्थल पर पहुंचने वाली है। उन्होंने बताया कि यह ब्रिटिश काल के समय का खदान है जो करीब 1942 के आसपास का है ईसीएल का राष्ट्रीयकरण होने के बाद 1973 के पहले ही यह बंद हो चुका था इसकी गहराई लगभग 60 फुट है जिसने 25 फुट नीचे लगभग पानी है।
गौरतलब है कि आत्महत्या करने वाले दोनों बालक बालिका नाबालिग थे। यह दोनों अरुणोदय स्कूल के विद्यार्थी थे। स्थानीय सूत्रों की मानें तो दोनों में प्रेम प्रसंग चल रहा था। लड़के के घरवाले अपने बेटे राहुल का शादी पूनम के साथ करना नहीं चाहते थे। इसलिए लड़का के घर वालों ने राहुल की शादी कहीं दूसरी जगह ठीक कर दी। जिससे राहुल खुश नहीं था। जिसके कारण उसने फांसी लगा ली। जब इसकी खबर पूनम को चली तो उसे गहरा सदमा लगा और उसने भी अपने प्रेमी के राह पर चलने का निर्णय ले लिया। जिसके कारण वे परित्यक्त खदान में कूदकर अपनी जान दे दी।
इस संबंध में मृतका के भाई इंद्रदेव सिंह ने कहा कि कल सुबह 11:00 बजे उनकी बहन खदान में कूद गई। मां गायत्री देवी ने बेटी को परित्यक्त खदान में कूदते हुए देखा उन्होंने पूनम को बचाने की कोशिश की परंतु तब तक वह खदान में कूद गई थी। इसकी खबर मिलते ही वहां पहुंचे और बहन को बचाने के लिए गुहार लगाकर स्थानीय लोगों को एकत्रित किए।
स्थानीय लोगों के अनुसार बताया जा रहा है कि यह मामला प्रेम प्रसंग के कारण अत्याचार करने से हुआ। हालांकि दोनों परिवारों की तरफ से इस संबंध को लेकर कोई पुष्टि नहीं की गई है। परिवार वाले इस संबंध में कुछ नहीं बोल रहे हैं। वहीं वार्ड पार्षद उत्पल सिन्हा ने दोनों विद्यार्थियों के आत्महत्या करने के बारे में बताया। उन्होंने भी कहा कि लोगों का कहना है कि यह प्रेम प्रसंग का मामला है। लेकिन जब तक परिवार वाले इस संबंध में कुछ नहीं कहते। तब तक कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। हालांकि पुलिस इस मामले की छानबीन कर रही है।


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