रानीगंज -रानीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से गुरुवार की सन्ध्या वैशाखी पर्व मनाई गयी. इसअवसर पर दिल्ली बंगला साहिब गुरुद्वारा के रागी जत्था भाई सतपाल सिंह एवं उनके जत्था द्वारा कीर्तन की प्रस्तुति की गयी. रागी जत्था ने खालसा पंथ की स्थापना दिवस के ऊपर विचार व्यक्त किए.रांनीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह बग्गा ने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना सिखों के दसवें गुरु श्री गुरु गोविंद सिंह जी ने की थी. पंजाब के आनंदपुर साहिब शहर में वैशाखी पर्व के दिन की गई थी. गुरुजी ने इस दिन अपनी फौज तैयार की थी जिसका नाम उन्होंने खालसा रखा था .खालसा का अर्थ है, “खालिस” और इस पंथ के माध्यम से गुरु जी ने जात-पात से ऊपर उठकर समानता, एकता ,राष्ट्रीयता, बलिदान एवं त्याग का उपदेश दिया. खालसा को अकाल पुरूष की फौज कहा गया. खालसा पंथ की स्थापना श्री गुरु गोविंद सिंह जी साहिब ने 5 सिखों को अमृतपान करवा कर तथा उन पांचों से स्वयं अमृत पान करके की थी. इस तरह उन्होंने एक अनूठी मिसाल पैदा की थी. इस अवसर पर आसनसोल नगर निगम के पार्षद दिवेन्दु भगत एवं नेहा साव को सम्मानित किया गया.इस मौके पर रांनीगंज अंचल के सिख समुदाय के महिला ,पुरुष,बच्चे शामिल थे.



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