रानीगंज-मंगलवार दिन भर इसीएल के सातग्राम एरिया अंतर्गत निमचा कोलियरी और आमकोला एक्सटेंशन ओसीपी बंद रही.ज्ञात हो कि यहां से 16 लाख 70 हजार मैट्रिक टन कोयला काटने से लिए एक बेसरकारी संस्था को ठेका दिया गया था, जिसने यहां के कई ठेका श्रमिकों को काम से हटा दिया है. सोमवार रात से ही कोयला खदान से कोयला परिवहन और कोयला खनन बंद कर श्रमिक जमकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. मंगलवार सुबह से ही श्रमिक ओपन कास्ट माइंस के सामने खड़े होकर विरोध प्रदर्शन करना शुरू किए. ठेका श्रमिकों का कहना है की जो ठेका श्रमिक यहां कार्य कर रहे थे वह सभी कोयला परिवहन का दायित्व निभा रहे थे, इन श्रमिकों को बेसरकारी संस्था अचानक ही काम से हटा दिया, नतीजा यह सभी बेरोजगार हो चुके हैं.इन श्रमिकों पर घर चलाने की मुसीबत भी आ खड़ी हुई है.श्रमिकों का आरोप है कि उनका वेतन भी अभी तक बकाया है. प्रदर्शन कर रहे श्रमिकों ने कोयला लादे चार डंपर को भी रोक दिया. श्रमिकों ने इस दौरान दावा किया कि बिना जीपीएस लगाए किसी भी डंपर को ओसीपी से बाहर नहीं भेजा जाता है तो फिर जिन गाड़ियों को इन्होंने रोका है उसमें जीपीएस क्यों नहीं है.श्रमिकों ने कहा की हो ना हो कोयला चोरी के उद्देश्य से इन गाड़ियों को कहीं बाहर ले जाया जा रहा था, इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि यहां जमीन मालिकों से जमीन ना खरीद कर ईसीएल अवैध रूप से जमीन को अपने काम के लिए इस्तेमाल कर रही है, जिस से कोयला उत्पादन हो रहा है, प्रदर्शनकारियों ने जल्द से जल्द ईसीएल के द्वारा जमीन अधिग्रहण करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक उन्हें दोबारा काम पर नहीं रखा जाएगा तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा.इस विषय पर सातग्राम एरिया के महाप्रबंधक अशोक कुमार आनंद से फोन पर बात करने की कोशिश की गई ,लेकिन उन्होंने किसी भी तरह का जवाब नहीं दिया.

0 टिप्पणियाँ