आसनसोल -2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जिस तरह से बीजेपी ने जीत हासिल की थी 2022 के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में इसका ठीक विपरीत दिखाई दे रहा है। आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में टीएमसी के उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने तीन लाख से ज्यादा वोट से जीत हासिल की है। इस बार यह चुनाव पिछले दो बार के संसदीय चुनाव पर भारी पड़ गया है। 2014 के आसनसोल लोकसभा चुनाव में भाजपा की तरफ से खड़े बाबुल सुप्रियो ने तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार दोला सेन को 70480 वोट से हराया था, वही 2019 के आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में भाजपा की तरफ से एक बार फिर से खड़े उम्मीदवार बाबुल सुप्रियो ने उम्मीदवार मुनमुन सेन को 197637 वोट से हराया था। 2014, 2019 के बाद 2022 आसनसोल लोकसभा उपचुनाव में टीएमसी ने इतिहास रच दिया है। तृणमूल उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने 303209 वोट से भाजपा उम्मीदवार अग्निमित्र पाल को मात दे दी है। तृणमूल की इतनी बड़ी जीत के बाद कार्यकर्ताओं में जश्न का माहौल देखा जा रहा है। 7 विधानसभाओं के सभी टीएमसी पार्टी कार्यालय में हरे रंग का गुलाल कार्यकर्ता एक दूसरे पर उड़ाते नजर आ रहे हैं। रानीगंज के टीएमसी ब्लॉक कार्यालय में समर्थकों ने पटाखा फोड़कर रैली निकाली, जो एनएसबी रोड तक गई। टीएमसी समर्थक जीत की खुशी में पटाखे फोड़ने के साथ एक दूसरे को मिठाइयां खिलाकर बधाइयां दी। इस मौके 93 नंबर वार्ड पार्षद आलोक बोस, तुलु दत्ता, खुर्शीद आलम,बुबून दास, महंती लाहा, कैसर हयात, और सौरव बनर्जी उपस्थित थे। आसनसोल में भी जगह-जगह रैलियां निकाली जा रही है जश्न मनाए जा रहे हैं। जीत को लेकर तृणमूल उम्मीदवार शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा आसनसोल लोकसभा उपचुनाव निष्पक्ष तरीके से हुआ है और यह बात आप सभी को पता है। भय मुक्त होकर सभी मतदाताओं ने मतदान किया और इसका नतीजा आप सभी के सामने है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में ममता बनर्जी को गेम चेंजर बताया है। शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा कि यह जीत सभी तृणमूल नेता कार्यकर्ता समर्थकों की जीत है और आज की यह जीत साबित करता है की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी सचमुच बंगाल की शेरनी है। वहीं भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पाल ने तृणमूल की जीत के लिए शत्रुघ्न सिन्हा को बधाई देते हुए कहा की जो नतीजे सामने आए हैं इसे मानना मुश्किल है लेकिन जनता का निर्णय सिर आंखों पर, भाजपा प्रत्याशी ने आगे कहा कि आखिर हार क्यों हुई है इसे लेकर समीक्षा की जाएगी।


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