20 किलोमीटर पैदल चल नेहा छात्र मित्रो को लेकर पहुंची बॉर्डर
देश वापसी को लेकर नेहा के परिजन आश्वस्त
दुर्गापुर: यूक्रेन में चल रही युद्ध में भारतीय सैकड़ों मेडिकल के छात्र यूक्रेन के मेडिकल यूनिवर्सिटी फसे है. भारत सरकार युद्ध में फंसे भारतीयों को वापस लाने के लिए विशेष विमान भेज चुकी है. वही यूक्रेन में यूनिवर्सिटी के हॉस्टल में फंसे छात्रों का कहना है कि यूक्रेन सरकार से कोई मदद नहीं मिल रही है. वहीं दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी में फंसी दुर्गापुर की छात्रा नेहा खान , जिन्नत आलम और अन्य छात्रों को लेकर रविवार सुबह रोमानिया के सीमा रेखा के अंदर प्रवेश हो चुकी है. इसकी जानकारी नेहा ने अपने परिजनों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए दी. नेहा के पिता फिरोज खान ने यह जानकारी मीडिया को शेयर की है. फिरोज खान ने बताया कि नेहा को रोमानिया पहुंचने के लिए काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा है. नेहा अपने सहयोगियों के साथ 20 किलोमीटर पैदल चलकर रोमानिया बॉर्डर में दाखिल हो चुकी है. जहां से छात्रों को दूसरे बस के जरिए रोमानिया एयरपोर्ट पहुंचने का सूचना मिली है. फिरोज खान ने बताया कि इवानो फ्रेंसविश यूनिवर्सिटी से शुक्रवार की रात करीब साढ़े नौ बजे नेहा और जिन्नत सहित 154 छात्र सहयोगीयों को लेकर तीन बसों के जरिए रोमानिया बॉर्डर के लिए रवाना हुईं. रोमानियाई सीमा पर आज सुबह साढ़े सात बजे सभी छात्र पहुंचे. हालांकि सीमा तक पहुंचने के लिए छात्रों को करीब बीस किलोमीटर पैदल चलना पड़ा . सुबह साढ़े सात बजे नेहा यूक्रेन की सीमा पार की , और रोमानिया की धरती पर पैर रखा . जहां भारतीय दूतावास ने रोमानियाई सरकार की ओर से छात्रों का वीजा की व्यवस्था की है. एवम भारतीय दूतावास द्वारा विशेष बसों की व्यवस्था भी की है , जो 154 छात्रों को लेकर लगभग 600 किलोमीटर दूर हवाई अड्डे तक ले छात्रों को ले जायेगी. फिरोज खान ने बताया कि फिलहाल भारतीय दूतावास ने नेहा समेत सभी छात्रों के एक होटल में ठहरने की व्यवस्था की गई है. वहां से नेहा समेत बाकी छात्र बस के जरिए एयरपोर्ट जाएंगे. सूचना मिली है की भारत सरकार की ओर से एयर इंडिया के दो विमान भेजे जा चुके हैं. पता चला है कि छात्र इसी विमान से दिल्ली के लिए रवाना होंगे. नेहा ने अपने परिजनों को बताया कि रविवार सुबह हम लोगों को सीमा पार करने के कुछ देर बाद ही रोमानियाई सरकार द्वारा बॉर्डर को बंद कर दिया गया था.

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