रानीगंज:- ईसीएल के सातग्राम एरिया अंतर्गत जे के नगर कोलियरी प्रोजेक्ट में आर एस डीलर के पद पर कार्यरत डब्लू हाड़ी नामक एक श्रमिक की मौत गुरुवार की रात खदान के अंदर चाल गिरने से हो गई.वहीं हायदास बाउरी नामक एक अन्य श्रमिक घायल हो गया, जिसे चिकित्सा के लिये तुरंत कल्ला अस्पताल भेजा गया.उक्त घटना से आक्रोशित कोलियरी के श्रमिकों ने मृतक के आश्रित को नौकरी एंव मुआवजा की मांग को लेकर उत्पादन ठप कर प्रदर्शन शुरू कर दिया. घटना की जानकारी मिलने के बाद रानीगंज थाना के निमचा फांड़ी पुलिस एंव ईसीएल के सुरक्षा कर्मी मौके पर पहुंच गई. वहीं जे के नगर कोलियरी के श्रमिक संगठन एचएमएस सचिव चुन्नू तिवारी, सीटू के देवीदास बनर्जी, केकेसीएससी तारकेश्वर सिंह, तपन मुखर्जी, विवेक मंडल, उपेन्द्र यादव, सुखमय पाण्डे, संजीत मुखर्जी, आईएनटीयूसी के बबलू सिन्हा, केशव मुखर्जी घटनास्थल पर पहुंचे.इस दौरान तपन मुखर्जी ने बताया कि आर एस डीलर के पद पर कार्यरत डब्लू हांडी शाम 4:00 बजे की सेकेंड पाली में ड्यूटी करने के लिये जे के नगर प्रॉजेक्ट खदान में उतरे थे, लेकिन देर शाम 7:30 से 8:00 बजे के करीब ड्रेसिंग का काम करने के दौरान अचानक चाल गिरने से उनकी मौत घटनास्थल पर ही हो गई, जबकि हायदास बाउरी नामक श्रमिक घायल हो गया. उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी घटना हो जाने के बाद भी घटनास्थल पर प्रबंधन की ओर से कोई भी अधिकारी नहीं पहुंचे. यहां तक कि डॉक्टर भी काफी देर तक देखने नहीं गया कि श्रमिक जिंदा है या मर गया. यहां पर प्रबंधन की लापरवाही साफ झलक रही है, प्रबंधन की लापरवाही के कारण ही श्रमिक मौत के मुंह में जा रहे हैं.हम लोग की मांग है कि ऑन ड्यूटी जो भी बेनिफिट है उसे जल्द से जल्द मुहैया कराया जाए एंव श्रमिक के आश्रित को तुरंत नौकरी दी जाए.जे के नगर कोलियरी के एमएमएस सचिव चुन्नू तिवारी ने बताया की डब्लू हांडी और हायदास बाउरी खदान में ड्रेसिंग के लिए उतरे थे, जहां चाल गिरने से दोनो को चोट लग गई. उन्होंने बताया की डब्ल्यू हांडी पिछले 7 दिन छुट्टी पर थे और दुर्घटना वाले दिन ही दूसरी शिफ्ट में ड्यूटी पर आए थे.वहीं ट्रेड यूनियन इंटक नेता बबलू सिन्हा ने कहा डब्ल्यू हांडी आर एस डीलर थे, जबकि उनको जबरन ड्रेसिंग का काम करने भेजा गया था, जिससे यह हादसा हुआ और उनकी मौत हो गई. उन्होंने आरोप लगाया की घटना के बाद प्रबंधन की तरफ से कोई देखने तक नहीं आया. सभी ट्रेड यूनियन नेताओं का यही कहना था की यह हादसा कोलियरी प्रबंधन की लापरवाही और श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर न होने के कारण हुई है.इन नेताओं ने आरोप लगाया की दुर्घटना के बाद जब सभी ट्रेड यूनियन के नेता खदान के अंदर उतरे थे तो प्रबंधन द्वारा उनको घटनास्थल के बजाए कहीं ओर ले जाया जा रहा था.इन सभी नेताओ की एक ही मांग थी की मृतक के परिवार को मुआवजा मिले आश्रित को नौकरी दी जाए और इस घटना के लिए दोषियों को सजा मिले. घटना के ढाई घंटे बाद चिकित्सक खदान में उतरे एंव डब्लू हांडी को मृत घोषित किया. उसके बाद सातग्राम एरिया कार्यालय में त्रिपक्षीय बैठक हुई, जिसमें ईसीएल प्रबंधन, सभी ट्रेड यूनियन के प्रतिनिधि एंव मृतक के परिजन उपस्थित थे.बैठक के दौरान मृतक के छोटे बेटे राजा हांडी को शुक्रवार से जॉइनिंग देने, ईसीएल के नियमानुसार मृतक के परिजनो को 15 लाख रुपये मुआवजा देने, अगले सात दिनों के अंदर सभी बकाया का भुगतान करने एंव दाह संस्कार के लिये 20 हजार रुपये देने के सहमति पत्र पर हस्ताक्षर होने के बाद रात लगभग तीन बजे शव को खदान से बाहर निकाला गया.









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