रानीगंज- कोरोनावायरस की वजह से देश के हालात बद से बदतर हो गए, लोगों ने कई अपनों को खो दिया. हम एक दूसरे से दूर होते चले गए,लेकिन इन सबके बावजूद भी हमें हिम्मत रखने की जरूरत है. सरकार ने बहुत जल्द ही महामारी के खिलाफ टीकाकरण लगाना शुरू कर दिया था, लेकिन उसके बावजूद भी यह कहना गलत नहीं होगा की जिसने वैक्सीन ली भी है उसे भी संक्रमित पाया गया है. कोरोना की दोनों डोज लेने के बावजूद भी ज्यादातर लोग संक्रमित पाए गए हैं. दो डोज के बाद अब तीसरे डोज लेने की कवायद शुरू हो गई है,लेकिन अभी भी लोगों में जिज्ञासा बाकी है कि आखिर बूस्टर डोज कैसे लिया जाए.
सीएचओ (कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर) सुचेन्द्रा चट्टोपाध्याय का कहना है कि फिलहाल फ्रंटलाइन वर्कर, कोरोना योद्धा स्वास्थ्य कर्मियों और वरिष्ठ नागरिकों को बूस्टर डोज दिया जा रहा है.इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जिन्होंने दूसरी डोज लेने के 9 महीने पूरे कर लिए हैं उन्हें ही बूस्टर डोज लगाया जाएगा.
बीएमओएच डॉ मनोज शर्मा का कहना है कि अभी के मौसम में ज्यादातर लोगों को सर्दी ,खांसी, बुखार की शिकायत मिल रही है ,इसलिए बूस्टर डोज या फिर वैक्सीन लेने आ रहे लोग पहले जांच कर यह सुनिश्चित करें कि उन्हें कोरोना संक्रमण नहीं है. इसके बाद ही वे लोग वैक्सीन ले. राज्य के साथ ही रानीगंज शहर में भी 15 से लेकर 18 साल तक के विद्यार्थियों को कोरोना की पहली डोज लगाने का काम शुरू कर दिया गया है.

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