कोलकाता: (पीबी टीवी)मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल की पहली भाजपा सरकार का पहला पूर्ण बजट सोमवार को विधानसभा में वित्त मंत्री स्वपन दासगुप्ता ने पेश किया। 'विकसित बंगाल' के लक्ष्य के साथ प्रस्तुत इस बजट में सरकारी कर्मचारियों, महिलाओं, युवाओं तथा ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया गया है।
बजट में राज्य सरकारी कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ते (डीए) में 20 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की गई है। इसके साथ कुल डीए बढ़कर 38 प्रतिशत हो जाएगा, जो 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी होगा। अर्ध-सरकारी तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के लिए भी अतिरिक्त 20 प्रतिशत डीए का प्रावधान किया गया है।
आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कर्मियों और सहायिकाओं के मानदेय में 5,000 रुपये प्रतिमाह की वृद्धि की गई है। वहीं, सिविक वॉलंटियर, ग्रीन पुलिस, होमगार्ड और एनवीएफ कर्मियों के वेतन में 2,000 रुपये प्रतिमाह की बढ़ोतरी की घोषणा की गई है। सिविल डिफेंस स्वयंसेवकों के लिए न्यूनतम 20 दिनों के कार्य की गारंटी भी दी गई है।
रोजगार के क्षेत्र में सरकार ने विभिन्न विभागों में एक लाख रिक्त पदों को भरने का ऐलान किया है। इनमें 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए आरक्षित रहेंगे। शिक्षा विभाग में 50 हजार शिक्षकों तथा पुलिस विभाग में 20 हजार कर्मियों की नियुक्ति का प्रस्ताव रखा गया है।
महिलाओं के लिए शुरू की गई नई 'अन्नपूर्णा योजना' के तहत पात्र लाभार्थियों को 3,000 रुपये प्रतिमाह देने के लिए 36 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन के लिए 125 दिनों के काम की गारंटी हेतु 14 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।
स्थानीय विकास कार्यों को गति देने के लिए विधायक क्षेत्र विकास कोष को 70 लाख रुपये से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये वार्षिक कर दिया गया है। बजट को राज्य के मध्यम वर्ग, महिलाओं और युवाओं को केंद्र में रखकर तैयार किया गया महत्वपूर्ण दस्तावेज माना जा रहा है।

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