रानीगंज, 21 जून : रानीगंज के रामबागान स्थित आस्था भवन में कथित धर्मांतरण गतिविधियों के आरोप को लेकर रविवार को तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गई। सूचना मिलने पर विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता भवन परिसर पहुंचे और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि यहां प्रार्थना सभा के नाम पर गरीब एवं जरूरतमंद लोगों को विभिन्न प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जा रहा था।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विरोध के दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई और स्थिति बिगड़ने पर कुछ लोगों के साथ मारपीट की घटना भी हुई। मामले की सूचना मिलते ही आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद माहौल शांत हुआ।
पुलिस ने पूछताछ के लिए लगभग 20 लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें कई महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि सभा में शामिल लोगों को शारीरिक स्वास्थ्य में सुधार तथा मानसिक तनाव और भय से मुक्ति जैसे दावों के माध्यम से प्रभावित किया जाता था। हालांकि धन अथवा अन्य प्रकार के प्रलोभन देकर धर्म परिवर्तन कराने के आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता शुभम रावत ने आरोप लगाया कि संगठन लंबे समय से इस प्रकार की गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करता रहा है। उन्होंने कहा कि प्रार्थना सभाओं के माध्यम से लोगों को एकत्रित कर उन्हें विभिन्न सुविधाओं और सहायता का लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया जाता है। वहीं भाजपा नेताओं आनंद साव और मनोज ओझा ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, प्रार्थना सभा से जुड़े लोगों ने सभी आरोपों से इनकार किया है। समाचार लिखे जाने तक कथित धर्मांतरण के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। घटना के बाद इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।


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