रानीगंज/जामुड़िया: देश की आजादी के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमने वाले महान क्रांतिकारी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस के अवसर पर सोमवार को रानीगंज और जामुड़िया के विभिन्न हिस्सों में श्रद्धांजलि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया. वक्ताओं ने शहीद-ए-आजम के समाजवादी विचारों और सांप्रदायिक सौहार्द के संदेश को आज के समय में सबसे प्रासंगिक बताया.
रानीगंज: "भगत सिंह का सपना नफरत मुक्त भारत था"
रानीगंज के पंजाबी मोड़ इलाके में शहीद यादगार समिति और वामपंथी श्रमिक संगठन सीटू की ओर से शहीद भगत सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया. सीटू नेता हेमंत प्रभाकर ने अपने संबोधन में कहा कि भगत सिंह ने राष्ट्र को हमेशा धर्म और संप्रदाय से ऊपर रखा. उन्होंने कहा, आज जब देश में सांप्रदायिकता का जहर घोला जा रहा है, तब हमें भगत सिंह के आदर्शों की सख्त जरूरत है.हमारा देश वह है जहाँ पंडित राम प्रसाद बिस्मिल और अशफ़ाकउल्ला खान की दोस्ती मिसाल थी. जो लोग धर्म के आधार पर देश को बांटना चाहते हैं, वे कभी सफल नहीं होंगे. इस अवसर पर शहीद यादगार समिति के संयोजक कॉमरेड सुप्रियो राय, पूर्व विधायक रुनु दत्त, सांस्कृतिक आंदोलन के नेता अनूप मित्रा, रानीगंज नगर पालिका के पूर्व वाइस चेयरमैन सुनील खंडेलवाल, बस्ती आंदोलन के जिला सचिव संजय प्रमाणिक, छात्र नेता देवदास ओझा, मजदूर नेता पारिजात चक्रवर्ती, कोलियरी मजदूर सभा के सर्व भारतीय नेता बृजनंदन यादव, और देवदास बनर्जी सहित अन्य गणमान्य नेतृत्व उपस्थित थे.
जामुड़िया: "विचारों की सान पर तेज होती है क्रांति की तलवार"
जामुड़िया पश्चिमी अंचल कमेटी (भारत की जनवादी नौजवान सभा) द्वारा सिद्धू-कान्हू मूर्ति के समीप भगत सिंह का 95वां शहीद दिवस मनाया गया. युवाओं ने शहीदों की तस्वीरों पर पुष्प अर्पित कर उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया. वक्ताओं ने कहा कि भगत सिंह का मानना था कि क्रांति केवल बम और पिस्तौल से नहीं, बल्कि विचारों से आती है.आज के दौर में युवाओं को अंधविश्वास और धार्मिक कट्टरता त्यागकर तार्किक और धर्मनिरपेक्ष सोच अपनानी चाहिए. इस कार्यक्रम में प्रशांत बाउरी, अतनू बाउरी, महेंद्र गोप, एमडी मोकररम, जहीर अंसारी, और नूरी खातून मुख्य रूप से उपस्थित रहे.
सांप्रदायिकता के खिलाफ एकजुटता का आह्वान
दोनों ही स्थानों पर हुए कार्यक्रमों का मुख्य स्वर 'सामाजिक न्याय और धर्मनिरपेक्षता' रहा.नेताओं ने एक सुर में कहा कि भगत सिंह के सपनों का भारत तभी बनेगा जब समाज से नफरत खत्म होगी और हर नागरिक को बराबरी का अधिकार मिलेगा.



0 टिप्पणियाँ