कोलकाता,(पीबी टीवी) आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार भी वजह चिकित्सा नहीं, बल्कि अस्पताल की चरमराती व्यवस्था और प्रशासनिक लापरवाही है। उत्तर 24 परगना के निमता निवासी 60 वर्षीय विश्वजीत सामंत की सोमवार तड़के अस्पताल परिसर में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों का सीधा आरोप है कि अस्पताल की खराब लिफ्ट और अस्वच्छ शौचालयों ने मरीज को मौत के मुंह में धकेल दिया।
मध्यरात्रि से शुरू हुआ मौत का खेल
घटनाक्रम सोमवार तड़के करीब 2:30 बजे शुरू हुआ, जब हृदय संबंधी और सांस लेने की समस्या के कारण विश्वजीत को इमरजेंसी ट्रॉमा बिल्डिंग में भर्ती कराया गया। इलाज के दौरान जब उन्हें शौचालय जाने की आवश्यकता हुई, तो अस्पताल की हकीकत सामने आई: इमरजेंसी विभाग के निचले तल का शौचालय इतना गंदा था कि उसका उपयोग करना असंभव था। जब परिजनों ने मरीज को दूसरे तल पर ले जाने का प्रयास किया, तो अस्पताल की लिफ्ट बंद पड़ी थी।परिजनों का आरोप है कि वहां मौजूद कर्मचारियों ने उन्हें वार्ड के बजाय अस्पताल परिसर के बाहर स्थित शौचालय का उपयोग करने को कहा।
परिसर में गिरते ही थमी सांसें
गंभीर स्थिति में ऑक्सीजन की कमी से जूझ रहे विश्वजीत जैसे ही शौचालय जाने के लिए बाहर निकले, वह अचानक जमीन पर गिर पड़े। सुबह करीब 5:30 बजे डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि अगर अस्पताल के भीतर सफाई होती या लिफ्ट चालू होती, तो मरीज को बाहर खुले में नहीं ले जाना पड़ता और उनकी जान बच सकती थी।
पुलिस जांच और तनाव
घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी तनाव देखा गया। सूचना मिलते ही टाला थाना की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने इसे 'असामान्य मृत्यु' का मामला दर्ज किया है। जांच इस बिंदु पर केंद्रित है कि क्या मरीज की मौत गिरने से लगी चोट के कारण हुई या बाहर ले जाने के दौरान समय पर ऑक्सीजन और उपचार न मिलने की वजह से म्रत्यु हुई.मृतक के ने कहा कि यह पूरी तरह से सिस्टम की विफलता है। अगर वार्ड के अंदर न्यूनतम सुविधाएं भी ठीक होतीं, तो मेरे पिता आज जीवित होते।


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