रानीगंज: राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था आप वह बदलाव बनिए जो आप दुनिया में देखना चाहते हैं. आज आसनसोल नगर निगम के 91 नंबर वार्ड के पार्षद राजू सिंह ने इसी आदर्श को चरितार्थ कर दिखाया.पिछले आठ दिनों से नगर निगम के सफाई कर्मचारियों की हड़ताल के कारण जहां पूरा शहर गंदगी से जूझ रहा है, वहीं पार्षद राजू सिंह ने किसी आदेश का इंतजार करने के बजाय खुद जमीन पर उतरकर सफाई का मोर्चा संभाल लिया.
वार्ड को माना घर, खुद साफ की नालियां
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से रानीगंज के विभिन्न इलाकों में कचरे का अंबार लगा है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है. ऐसे संकट के समय में राजू सिंह ने हाथों में झाड़ू और बेलचा उठाकर खुद सड़कों और नालियों की सफाई शुरू कर दी. उन्होंने हल्दी कारखाने से लेकर रहमतनगर तक के इलाकों में सघन सफाई अभियान चलाया। इस दौरान उनके सहयोगियों ने भी बढ़-चढ़कर उनका साथ दिया.
"घर साफ करने में शर्म कैसी"
अपनी इस पहल पर बात करते हुए पार्षद राजू सिंह ने बड़े ही सहज भाव से कहा की 91 नंबर वार्ड केवल मेरा कार्यक्षेत्र नहीं, बल्कि मेरा घर है. अपने घर की सफाई करने में मुझे कोई शर्मिंदगी महसूस नहीं होती. कर्मचारियों की हड़ताल का समाधान वरिष्ठ अधिकारी करेंगे, लेकिन तब तक हम अपने क्षेत्र के लोगों को गंदगी और बीमारियों के साये में नहीं छोड़ सकते.
राजू सिंह ने कहा कि वह मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के सिपाही हैं. जिस तरह ममता बनर्जी हर संकट में खुद सामने आकर नेतृत्व करती हैं, वे उन्हीं के पदचिन्हों पर चल रहे हैं. उन्होंने संकल्प लिया कि जब तक नगर निगम की हड़ताल जारी रहेगी, वे प्रतिदिन इसी तरह वार्ड के अलग-अलग हिस्सों में जाकर खुद साफ-सफाई करेंगे.
पार्षद की इस सक्रियता को देखकर स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह है.लोगों का कहना है कि जब एक जनप्रतिनिधि खुद गंदगी साफ करने सड़क पर उतरता है, तो इससे समाज में एक बड़ा संदेश जाता है.राजू सिंह की इस पहल ने न केवल 91 नंबर वार्ड को राहत दी है, बल्कि आसनसोल नगर निगम के अन्य पार्षदों के सामने भी एक बड़ी मिसाल कायम की है.



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