पीबी टीवी: पश्चिम बंगाल के मोयना थाना क्षेत्र के अंतर्गत लालुआगेड़िया में एक सरकारी शिक्षक और बीएलओ (BLO) के अपहरण की खबर ने हड़कंप मचा दिया। हालांकि, शिक्षक मलय बर्मन ने अपनी सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए बदमाशों को चकमा दिया और नाटकीय ढंग से सुरक्षित घर वापसी की।
नौकरी का लालच देकर बुलाया, फिर किया अगवा
मोयना विष्णु मिश्र चक प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक मलय बर्मन (जो बूथ संख्या 209 और 259 के बीएलओ भी हैं) ने बताया कि गुरुवार को स्कूल जाते समय उन्हें एक अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। उन्हें किसी कंपनी में बेहतर काम दिलाने का झांसा देकर निमतौड़ी (Nimtouri) बुलाया गया। आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षक इस प्रलोभन में आ गए।
मलय बर्मन के अनुसार, जैसे ही वे निमतौड़ी पहुंचे, वहां कुछ अज्ञात लोगों ने उन्हें कार में बैठने को कहा। कार में बैठते ही वे बेहोश हो गए, जिससे अंदेशा लगाया जा रहा है कि उन्हें कोई नशीला पदार्थ दिया गया था।
बंद कमरे से भागने की साहसिक दास्तां
जब शिक्षक को होश आया, तो उन्होंने खुद को एक अज्ञात बंद कमरे में पाया। अपहरणकर्ताओं ने उनका मोबाइल छीन लिया था और उन पर नजर रख रहे थे। देर रात मौका मिलते ही मलय बर्मन ने अपनी बुद्धिमानी का इस्तेमाल किया और अपहरणकर्ताओं की नजरों से बचकर वहां से भाग निकले।
वापसी का सफर:
शिक्षक वहां से पैदल भागकर वर्धमान के मोगरा स्टेशन पहुंचे।
वहां से ट्रेन पकड़कर वे हावड़ा स्टेशन पहुंचे।
हावड़ा पहुंचकर उन्होंने किसी तरह अपने परिवार से संपर्क किया और आपबीती सुनाई।
पुलिस जांच में जुटी
शिक्षक के लापता होने के बाद उनके परिजनों ने मोयना थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सूचना मिलते ही परिजन हावड़ा पहुंचे और उन्हें घर लेकर आए। फिलहाल अपहरण के पीछे का सटीक उद्देश्य स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस उस अज्ञात फोन कॉल को ट्रेस कर रही है और बदमाशों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।

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