रानीगंज: रानीगंज थाना क्षेत्र के गिरजापाड़ा के चांदमारी डांगा और हल्दी फैक्ट्री रोड इलाके में पिछले दिनों हुई सनसनीखेज चोरी की वारदातों को सुलझाते हुए पुलिस ने एक अंतर-जिला चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है. पुलिस ने बांकुड़ा जिले के तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके पास से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात और नकदी बरामद की है.
ऐसे गिरफ्त में आए शातिर अपराधी
बीते 6 जनवरी 2026 को रानीगंज के गिरिजा पाड़ा क्षेत्र में मलय कर्मकार और विनोद कुमार झा के बंद घरों को निशाना बनाया गया था. घटना की गंभीरता को देखते हुए रानीगंज थाना के इंस्पेक्टर विकास दत्ता के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई टीम के सदस्य प्रीतम पाल और परवेज आलम ने सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल टावर लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा शुरू किया.
मंगलवार रात जब पुलिस को इनके फिर से इलाके में सक्रिय होने की सूचना मिली, तो घेराबंदी की गई. आरोपी पुलिस को चकमा देकर अंडाल की ओर भाग निकले और वहां खड़ी एक मालगाड़ी के ऊपर छिप गए. हालांकि, पुलिस ने पीछा नहीं छोड़ा और अंततः उन्हें बांकुड़ा के केठार डांगा (आश्रम पाड़ा) से दबोच लिया.
बरामदगी और आरोपियों का विवरण
गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी बांकुड़ा के रहने वाले हैं और उनके खिलाफ पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं . आरोपी शमीम मंडल (50 वर्ष),ताज मोहम्मद खान (50 वर्ष.तथा रफीक खान (50 वर्ष) है.
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लगभग 50 ग्राम सोने के आभूषण, लगभग 500 ग्राम चांदी करीब 50 हजार रुपये नकदी के साथ, दो विशेष प्रकार के मुड़े हुए सब्बल, हथौड़ा, प्लास, संडासी और टेंसर पत्ती बरामद किए है.
मुड़े हुए सब्बलों का रहस्य
जांच में यह बात सामने आई कि यह गिरोह विशेष रूप से मुड़े हुए लोहे के सब्बलों का इस्तेमाल करता था. इन औजारों की बनावट ऐसी थी कि इनकी मदद से मजबूत से मजबूत लोहे और लकड़ी के दरवाजे व ताले पलक झपकते ही तोड़ दिए जाते थे.आरोपी बांकुड़ा से आकर रानीगंज में रेकी करते थे और खाली घरों को निशाना बनाकर वापस भाग जाते थे.
बुधवार को तीनों आरोपियों को आसनसोल जिला अदालत में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें आगे की पूछताछ और अन्य मामलों में संलिप्तता की जांच के लिए पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. रानीगंज थाना के अधिकारियों ने बताया कि यह सफलता टीमवर्क और तकनीकी सर्विलांस का परिणाम है.



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