जामुड़िया- ईसीएल के सातग्राम एरिया अंतर्गत निमडांगा प्रोजेक्ट स्थित सातग्राम इनक्लाइन में उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया, जब प्रबंधन द्वारा 24 श्रमिकों को अचानक तबादला (ट्रांसफर) का नोटिस थमा दिया गया. इस फैसले के विरोध में गुरुवार सुबह से ही सभी श्रमिक और विभिन्न ट्रेड यूनियनों के नेताओं ने एकजुट होकर प्रबंधन कार्यालय के समक्ष जोरदार विरोध प्रदर्शन और घंटों घेराव किया.
डीजीएमएस के नोटिस के बाद थमा था काम
ज्ञात हो कि करीब एक माह पहले इस इनक्लाइन से कोयला निकालने के बाद बालू भराई का कार्य नहीं किया गया था. खदान की सुरक्षा को देखते हुए सीतारामपुर खान सुरक्षा निदेशालय के अधिकारियों ने एक नोटिस जारी कर जल्द से जल्द बालू भराई करने का निर्देश दिया था. तब से इस इनक्लाइन में कोयला उत्पादन का काम बंद पड़ा हुआ है. श्रमिकों का आरोप है कि सुरक्षा खामियों को दूर करने के बजाय प्रबंधन अब कामगारों को यहाँ से हटाकर दूसरी जगहों पर भेजने की साजिश रच रहा है.
मैनेजमेंट की मनमानी बर्दाश्त नहीं : तारकेश्वर सिंह
घेराव और प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे श्रमिक नेता तारकेश्वर सिंह ने ईसीएल सातग्राम एरिया के प्रबंधन पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा की मैनेजमेंट इस कोलियरी को अपने मनमाने ढंग से चलाना चाहती है और किसी की बात सुनने को तैयार नहीं है.बिना किसी ठोस कारण के 24 श्रमिकों को ट्रांसफर करने का नोटिस जारी किया गया है, जिसे हम किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे.आज सभी श्रमिक अपनी हाजिरी दर्ज किए बिना धरने पर बैठे हैं.
ट्रेड यूनियन संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक स्थानांतरण के नोटिस को तत्काल प्रभाव से रद्द नहीं किया जाता और श्रमिकों को इसी इनक्लाइन में वापस रखने का आश्वासन नहीं मिलता, तब तक यह घेराव और प्रदर्शन जारी रहेगा.
यूनियन नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि स्थानीय स्तर पर वार्ता सफल नहीं होती है, तो शुक्रवार को सातग्राम एरिया के महाप्रबंधक कार्यालय का इससे भी बड़े पैमाने पर घेराव किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन की होगी. समाचार लिखे जाने तक प्रबंधन और यूनियन के बीच गतिरोध बना हुआ था.


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