जामुड़िया: नॉर्थ सियारसोल कोलियरी मैदान में रविवार को डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया जामुड़िया इकाई द्वारा आयोजित डीवाईएफआई एनएससी ट्रॉफी – सीजन 2' का समापन हुआ. दो दिवसीय इस क्रिकेट टूर्नामेंट के फाइनल मुकाबले में खेल भावना और सामाजिक एकजुटता का अनूठा उदाहरण देखने को मिला.12 टीमों के बीच चले कड़े संघर्ष के बाद पिंटू 11 ने खिताबी जीत हासिल की.
मैदान में उमड़ा जनसैलाब, पिंटू 11 बनी चैंपियन
टूर्नामेंट का निर्णायक मुकाबला पिंटू 11 और लगान 11 के बीच खेला गया.रोमांच से भरे इस मैच में पिंटू 11 ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी पर कब्जा जमाया फाइनल मैच के दौरान पूरा मैदान दर्शकों से खचाखच भरा रहा और हर शॉट पर दर्शकों की तालियों से क्षेत्र गूंज उठा.
नकारात्मकता से दूर, अधिकारों की ओर बढ़ें युवा: कलीमुद्दीन अंसारी
पुरस्कार वितरण समारोह को संबोधित करते हुए सीटू के कुनुस्तोरिया एरिया कन्वेनर कलीमुद्दीन अंसारी ने कहा डीवाईएफआई केवल खेल आयोजित करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि यह युवाओं की शिक्षा, रोजगार और अधिकारों की लड़ाई लड़ने वाला एक मजबूत मंच है. ऐसे आयोजनों के माध्यम से हम युवाओं में एकता, अनुशासन और संघर्ष की भावना पैदा कर रहे हैं.
वहीं, डीवाईएफआई के पूर्व सचिव बुद्धदेव रजक और सीपीएम नेता दिलीप बाउरी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल युवाओं को नशे और अन्य नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रखकर सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करते हैं.
टूर्नामेंट को सफल बनाने में डीवाईएफआई लोकल कमेटी के सचिव अरुणवा संतु मुखर्जी, सदस्य मोकर्रम अंसारी, महेंद्र गोप, विकास यादव, राधेश्याम केवट और भूषण कोल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्यक्रम के अंत में विजेता और उपविजेता टीमों को भव्य ट्रॉफी और नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया.
सामाजिक संदेश बना चर्चा का केंद्र
स्थानीय निवासियों का कहना है कि डीवाईएफआई द्वारा क्षेत्र में लगातार किए जा रहे रचनात्मक कार्यों से युवाओं में नई चेतना और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है. यह टूर्नामेंट महज एक खेल प्रतियोगिता न रहकर युवा शक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बन गया है.


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