चार दिवसीय महाकुंभ का समापन: रानीगंज के यश त्रिवेदी और शुभदीप मजूमदार ने भारोत्तोलन में गाड़े झंडे, अंकिता बनीं सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी
रानीगंज. औद्योगिक नगरी रानीगंज का कैरेट स्टेडियम पिछले चार दिनों से शौर्य, शक्ति और अनुशासन का गवाह बना. मंगलवार को भव्य मार्शल आर्ट्स प्रतियोगिता का समापन हुआ, जिसमें भारत के विभिन्न राज्यों से आए योद्धाओं ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया. योगासन से शुरू हुआ यह सफर कराटे, बॉडी बिल्डिंग और स्ट्रॉन्गमैन जैसी चुनौतीपूर्ण स्पर्धाओं के साथ संपन्न हुआ.
योग के साथ आध्यात्मिक शुरुआत
9 जनवरी को प्रतियोगिता का आगाज योगासन से हुआ, जिसमें औद्योगिक क्षेत्र के 120 प्रतियोगियों ने हिस्सा लिया. छह आयु वर्गों में विभाजित इस स्पर्धा में खिलाड़ियों के लचीलेपन और कठिन मुद्राओं ने दर्शकों को अचंभित कर दिया. पुरुष वर्ग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले योगी को ‘चैंपियन ऑफ चैंपियंस’ के खिताब से नवाजा गया.
कराटे में दिखा अनुशासन और प्रहार का संगम
10 और 12 जनवरी को आयोजित कराटे स्पर्धा में देशभर के लगभग 450 कराटेकारों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया.28 वर्गों में आयोजित काता और कुमिते मुकाबलों में कड़ा संघर्ष देखने को मिला. कोलकाता के प्रीतम चक्रवर्ती ने हेवी वेट में 'चैंपियन ऑफ द चैंपियन' का गौरव हासिल किया. मिडिल वेट वर्ग में महाराष्ट्र के अंकित ट्यू विजेता रहे. दुर्गापुर की स्कूली छात्रा अंकिता बंद्योपाध्याय ने आयु और वजन की सीमाओं को पार करते हुए 'सर्वश्रेष्ठ महिला खिलाड़ी' का पुरस्कार जीता.
स्ट्रॉन्गमैन स्पर्धा: यश और शुभदीप ने दिखाया 'बाहुबली' अवतार
अंतिम दिन स्ट्रॉन्गमैन और भारोत्तोलन स्पर्धाओं ने रोमांच को चरम पर पहुँचा दिया. रानीगंज के छात्र यश त्रिवेदी (72 किलो वजन) ने अपनी शारीरिक क्षमता से तीन गुना से अधिक 195 किलोग्राम भार उठाकर सबको हैरान कर दिया और प्रथम स्थान प्राप्त किया. 55 किलो वर्ग में शुभदीप मजूमदार ने 180 किलो भार उठाकर 3.27 अंकों के साथ ‘स्ट्रॉन्गमैन’ का प्रतिष्ठित खिताब जीता.74-83 किलो वर्ग में शुभम रजक ने बाजी मारी।
नारी शक्ति का प्रदर्शन और बॉडी बिल्डिंग
महिला भारोत्तोलन में मुनमुन सामंत (52 किलो वर्ग) ने 135 किलो और देविका गोराई (76 किलो वर्ग) ने 145 किलो भार उठाकर स्वर्ण पदक अपने नाम किए. समापन समारोह के दौरान बॉडी बिल्डिंग प्रतियोगिता ने समां बांध दिया, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी.
आयोजन समिति ने सभी विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. स्थानीय खेल प्रेमियों ने इस आयोजन को रानीगंज के खेल इतिहास में एक मील का पत्थर बताया है.



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