आरएसएस के शताब्दी वर्ष पर 'विराट हिंदू सम्मेलन' का आयोजन, स्वामी प्रदीप्तानंद महाराज ने दिया एकजुटता का संदेश



रानीगंज- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना के 100 वर्ष पूर्ण होने के ऐतिहासिक अवसर पर देशभर में चलाए जा रहे '80,000 हिंदू सम्मेलन' अभियान के तहत मंगलवार को रानीगंज के रेलवे मैदान में एक 'विराट हिंदू सम्मेलन' का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः काल में विधि-विधान के साथ पूजन और हवन से हुई, जिसके बाद एक विशाल जनसभा आयोजित की गई.


धर्म और रिलिजन के अंतर को समझना आवश्यक: कार्तिक महाराज

सम्मेलन के मुख्य वक्ता, भारत सेवाश्रम संघ (बेलडांगा) के अध्यक्ष एवं पद्म श्री से सम्मानित स्वामी प्रदीप्तानंद महाराज (कार्तिक महाराज) ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए धर्म की गहराई को समझाया. उन्होंने कहा की हमें धर्म और रिलिजन के बीच के सूक्ष्म अंतर को समझना होगा.धर्म जीवन जीने की एक पद्धति है, जबकि रिलिजन पूजा-अर्चना के नियमों का संकलन है. बिना धार्मिक प्रवृत्ति के कोई व्यक्ति पूर्ण मनुष्य नहीं कहला सकता. भारत मानवता और सनातन संस्कृति की भूमि है, और हमें इस पर गर्व होना चाहिए.


बंगाल की स्थिति पर जताई चिंता

अपने संबोधन में कार्तिक महाराज ने वर्तमान बंगाल की स्थिति पर तीखा प्रहार किया.उन्होंने आरोप लगाया कि. राज्य में तुष्टिकरण के कारण अराजकता फैल रही है और हिंदू धर्मावलंबियों पर अत्याचार हो रहे हैं. संदेशखली और अन्य क्षेत्रों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि जब हिंदुओं पर अत्याचार हुए, तो प्रशासन मूकदर्शक बना रहा. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और विकास के हर मानक पर आज बंगाल पिछड़ गया है, जो चिंता का विषय है.


2026 चुनाव और जनजागरण का आह्वान

आगामी 2026 के विधानसभा चुनावों के परिप्रेक्ष्य में उन्होंने कहा कि देश के 18 राज्यों में भाजपा की सरकारें हैं, क्या वहां कुशासन है? उन्होंने जनता से अपील की कि वे जागृत हों और अपने धर्म व अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित हों.


पत्रकारों से वार्ता के दौरान महाराज ने कहा कि आज बंगाल में पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं. महिला पत्रकारों पर हो रहे हमलों का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे सत्य को दबाने की कोशिश बताया.वहीं, कुंभ मेले के मुआवजे से जुड़े सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि कई परिवारों ने श्रद्धावश सहायता राशि लेने से इनकार किया था, क्योंकि वे कुंभ में मृत्यु को सौभाग्य मानते हैं, ठीक वैसे ही जैसे बंगाल के साधु-संतों ने इमामों की तर्ज पर भत्ता लेने से मना कर दिया था.


इस विराट सम्मेलन में समाज के विभिन्न वर्गों के प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से पद्म श्री कलाकार रंजीत कहार आरएसएस पदाधिकारी जगन्नाथ सेनापति (मध्य बंग प्रांत), प्रदीप सिंह (जिला अध्यक्ष),सुनील सोरेन विश्वरूप महाराज (शाखा अध्यक्ष), शोभीक घोष (सचिव), मनीष सिंह (नगर कार्यवाहक), रमेश शर्मा (कार्यक्रम अध्यक्ष), मनोज सराफ (विहिप मध्य बंग प्रान्त उपाध्यक्ष), शुभम राउत समेत विश्व हिंदू परिषद और दुर्गा वाहिनी के अन्य कार्यकर्ता.


कार्यक्रम का संचालन करते हुए वृजेन्द्र दा तथा दीनबंधु जोशी ने कहा कि यह सम्मेलन न केवल आरएसएस के 100 वर्षों की यात्रा का उत्सव था, बल्कि इसके माध्यम से बंगाल के हिंदुओं को संगठित होने और अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूक होने का एक सशक्त संदेश भी दिया गया.

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

 रेड लाइट एरिया लच्छीपुर में अय्याशी पड़ी भारी, मारपीट कर रुपये छीनने का आरोप
 जामुड़िया में ईडी का बड़ा धमाका: रानीगंज के हार्डवेयर व्यवसायी राजेश बंसल के घर छापेमारी, नोट गिनने की मशीन मंगवाई गई
 रानीगंज: शिशु बागान मोड़ के पास बड़ी चोरी, घर की छत पर थी मालकिन और नीचे से 35 लाख के जेवर पार
 पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की महासभा को लेकर उठा विवाद: आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर
 रानीगंज में किन्नरों का प्रदर्शन कर सड़क अवरोध किया, एक व्यक्ति पर मारपीट और छीनाझपटी का आरोप
 रानीगंज के व्यापारी युवक के अपहरण का ड्रामा, पति स्वयं भाग गया था घर से
रानीगंज गौशाला चुनाव: 'दलिया ग्रुप' ने फिर एक बार लहराया परचम, सभी 19 सीटों पर कब्जा
 चार्टेड एकॉउंटेंट अजय कुमार बगड़िया के नेतृत्व में आध्यात्मिक एवं स्ट्रेस मैनेजमेंट यात्रा का आयोजन
  आसनसोल संहति रेजिडेंसी में रात 12 बजे महिला को धमकाने का आरोप, निवासियों ने प्रोजेक्ट हेड से मांगी सुरक्षा, रजिस्ट्रेशन न होने पर मेंटेनेंस बंद
 रानीगंज के चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ने मैदान में दिखाया दम; 'लॉ चैंपियंस' बनी पहले सीएपीएल की विजेता