प्रशासनिक अधिकारियों, राजनीतिक दलों और स्कूली बच्चों ने नेताजी की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण; आदर्शों को याद किया
रानीगंज-देश के महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर रानीगंज के नेताजी मोड़ पर श्रद्धा और उत्साह का माहौल देखा गया. सुबह से ही विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक और शैक्षणिक संगठनों का तांता लगा रहा, जिन्होंने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया.
प्रशासनिक और आधिकारिक श्रद्धांजलि
रानीगंज बोरो-2 के चेयरमैन मुजम्मिल शहजादा के नेतृत्व में बोरो कार्यालय के अधिकारियों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए. इस मौके पर उन्होंने नेताजी के 'दिल्ली चलो' के नारे को याद करते हुए उनके बताए मार्ग पर चलने का आह्वान किया. वहीं, नेताजी स्टैचू कमेटी की ओर से श्रीधर मालिक और उनकी पूरी टीम ने सबसे पहले पहुँचकर प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.
शिक्षा जगत की भागीदारी
नई पीढ़ी में नेताजी के विचारों को जीवित रखने के उद्देश्य से रानीगंज बॉयज हाई स्कूल के प्रिंसिपल प्रीतम चटर्जी के नेतृत्व में स्कूल के अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की. साथ ही, सृष्टि मॉडल स्कूल के शिक्षकों और अधिकारियों ने भी पुष्प अर्पित कर बच्चों को नेताजी के संघर्षपूर्ण जीवन के प्रति जागरूक किया.
राजनीतिक संगठनों का उमड़ा सैलाब
विभिन्न राजनीतिक दलों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई जिनमें तृणमूल कांग्रेस अल्पसंख्यक सेल के अध्यक्ष नियाज अहमद के नेतृत्व में सदस्यों ने श्रद्धा सुमन अर्पित किए. युवा तृणमूल के जिला सांगठनिक संपादक सुब्रत दास की अगुवाई में भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने शिरकत की. मनोज वर्मा के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा पर माल्यार्पण किया.डीवाईएफआई लोकल कमेटी सचिव गौरव ढल्ल की अगुवाई में वामपंथी युवाओं ने नेताजी के जीवन और कार्यों पर प्रकाश डाला.
सुभाष स्वदेश भावना संस्था के अध्यक्ष गोपाल आचार्य और उनकी टीम ने नेताजी मोड़ परिसर को विशेष रूप से सजाया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा. वहीं, 'बांग्ला पोखो' की ओर से मलय चक्रवर्ती ने अपनी टीम के साथ श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए नेताजी के बंगाली अस्मिता और राष्ट्रीय योगदान पर अपनी बात रखी.
पूरा दिन रानीगंज का नेताजी मोड़ देशभक्ति के गीतों और 'नेताजी अमर रहें' के नारों से जीवंत बना रहा. वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि आज के समय में नेताजी के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं.


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