मालदा (पीबी टीवी ) : मालदा मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल परिसर से एक भयावह दृश्य सामने आया है। अस्पताल परिसर में कभी भी देखा जा सकता है कि स्ट्रेचर पर लेटा मरीज है, जिसके चेहरे पर ऑक्सीजन मास्क लगा हुआ है। चौंकाने वाली बात यह है कि स्ट्रेचर हिलने से जब मास्क निकल जाता है, तो उसे कोई मेडिकल स्टाफ नहीं, बल्कि स्वयं मरीज के परिजन ठीक करते नज़र आते हैं। अधिकांश लोगों को यह भी नहीं पता कि ऑक्सीजन मास्क कैसे लगाते हैं या ऑक्सीजन के बहाव को कैसे नियंत्रित करते हैं।मरीज के परिजनों का आरोप है कि किसी भी ग्रुप डी कर्मचारी के न मिलने के कारण उन्हें गंभीर रूप से बीमार मरीजों को इलाज के लिए एक भवन से दूसरे भवन तक ले जाना पड़ रहा है। इस स्थिति को लेकर परिजनों में भारी आक्रोश है।यह घटना सार्वजनिक होते ही विपक्ष हमलावर हो गया है। बीजेपी के मालदा दक्षिण संगठनात्मक जिला अध्यक्ष अजय गांगुली ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था पर तीखा कटाक्ष किया है।वहीं, इस मामले पर सफाई देते हुए जिला तृणमूल के प्रवक्ता आशीष कुंडू ने कहा, "आवश्यकता की तुलना में मालदा मेडिकल कॉलेज में कर्मचारियों की कमी है। मालदा सहित आसपास के जिलों और यहां तक कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में मरीज यहां आते हैं, जिससे थोड़ी असुविधा हो रही है। हालांकि, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य क्षेत्र को लेकर काफी सक्रिय हैं और इस समस्या का जल्द ही समाधान हो जाएगा।"मालदा मेडिकल कॉलेज के एमएसवीपी (MSVP) प्रोसेनजीत बर ने भी ऐसी ही सफाई दी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की संख्या कम होने के कारण यह घटना हो रही है, और भविष्य में ऐसा न हो इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

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