काजोड़ा से इतवारी मोड़ तक हुआ भव्य स्वागत; हर्ष और रोहित खेतान ने की आरती
रानीगंज- रानीगंज वासियों के लिए एक अत्यंत सौभाग्यशाली दिन रहा, जब जैन धर्म के प्रमुख संत, आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर जी महाराज ने नगर में पदयात्रा की.आचार्य श्री का रानीगंज आगमन पूरे क्षेत्र के लिए एक आध्यात्मिक अनुष्ठान से कम नहीं था.
यह पदयात्रा रानीगंज के काजोड़ा से शुरू होकर मंगलपुर, रोनाई होते हुए इतवारी मोड़ तक संपन्न हुई. आचार्य श्री के साथ उनके सैकड़ों श्रद्धालु और भक्तों का काफिला चल रहा था. भक्तों की भीड़ और संत की सुरक्षा व्यवस्था के लिए इस पदयात्रा के साथ पुलिस की गाड़ियाँ भी मौजूद थीं.
चरण वंदन और आरती कर लिया आशीर्वाद
इतवारी मोड़ की ओर बढ़ते समय, स्थानीय व्यवसायी हर्ष खेतान और रोहित खेतान ने अपने कार्यालय के बाहर आचार्य श्री का भव्य स्वागत किया. हर्ष खेतान और रोहित खेतान ने पहले एक चौकी लगाकर महाराज जी के चरण धोए और फिर उन्हें अपने कार्यालय में प्रवेश कराया.. दोनों भाइयों ने श्रद्धापूर्वक महाराज जी की आरती उतारी और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया. आचार्य श्री 108 प्रमुख सागर जी महाराज ने दोनों भाइयों को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद दिया और अपनी यात्रा में आगे बढ़ गए.
पदयात्रा में महाराज जी के साथ राजीव जैन, साहिल जैन, अनिल जैन, सुनील जैन, श्रीपतिरा जैन सहित कई श्रद्धालु उपस्थित थे.
"आगमन किसी चमत्कार से कम नहीं"
इस अवसर पर हुए हर्षवर्धन खेतान ने आचार्य श्री के रानीगंज आगमन को अत्यंत सौभाग्यशाली बताया."जैन संत 108 प्रमुख सागर जी महाराज का रानीगंज में आगमन रानीगंज के लोगों के लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है. वह न सिर्फ जैन समुदाय के, बल्कि समूचे भारतवर्ष के संत समाज के एक प्रमुख संत के रूप में जाने जाते हैं. उनका आना किसी चमत्कार या ईश्वर के आशीर्वाद से कम नहीं है," हर्षवर्धन खेतान ने कहा.
उन्होंने आगे जानकारी दी कि महाराज श्री ने धूबचुरिया से पदयात्रा करते हुए रानीगंज क्षेत्र में प्रवेश किया है और उनका अगला पड़ाव पवित्र तीर्थ पारसनाथ होगा.उन्होंने संतों की महत्ता बताते हुए कहा कि "रमता जोगी और बहता पानी किसी एक जगह नहीं रुकते, लेकिन वह जहां से होकर गुजरते हैं, उस स्थान को महिमा मंडित अवश्य कर देते हैं." खेतान ने बताया कि उन्होंने महाराज जी से सभी के लिए सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांगा है.



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