जामुड़िया-ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के कुनुस्तोड़िया क्षेत्रीय कार्यालय में कार्यरत निजी वाहनों के चालकों ने वेतन बढ़ोतरी की मांग को लेकर एकजुटता दिखाई है. 'ऑनर्स एंड ड्राइवर एसोसिएशन' से जुड़े इन चालकों ने अपनी मांग को संगठन के सचिव को लिखित रूप में सौंप दिया है.
दो साल से वेतन वृद्धि नहीं, महंगाई से त्रस्त
चालकों ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि पिछले दो वर्षों से उनके मासिक वेतन में कोई वृद्धि नहीं हुई है. वर्तमान में उन्हें मात्र ₹9,000 से ₹10,000 मासिक वेतन मिल रहा है. चालकों का तर्क है कि बढ़ती हुई महंगाई के इस दौर में यह न्यूनतम राशि उनके परिवार का भरण-पोषण करने के लिए बिल्कुल अपर्याप्त है, जिसके कारण उनमें गहरा असंतोष व्याप्त है.
टेंडर भाड़ा बढ़ा, तो हमारा वेतन क्यों नहीं?
चालकों की यह सामूहिक मांग ऐसे समय में सामने आई है, जब ईसीएल प्रबंधन ने कुनुस्तोड़िया क्षेत्र में चलने वाले निजी वाहनों के नए टेंडर जारी किए हैं. चालकों का दावा है कि इन नए टेंडरों में वाहनों का दैनिक भाड़ा पहले से अधिक तय किया गया है. उनका तर्क है कि जब वाहन मालिकों की आमदनी में वृद्धि हो रही है, तो उनके श्रम के बदले उनके मासिक वेतन में भी समान अनुपात में बढ़ोतरी होनी चाहिए.
संगठन से जुड़े लगभग 35 से 40 चालक, जो लंबे समय से इन वाहनों का परिचालन कर रहे हैं, उन्होंने मिलकर यह सामूहिक मांग उठाई है.
संगठन सचिव ने दिया आश्वासन
इस मामले पर ऑनर्स एंड ड्राइवर एसोसिएशन संगठन के सचिव दीपक दास ने चालकों की मांग को जायज ठहराया है. उन्होंने मीडिया को बताया कि इस गंभीर विषय पर जल्द ही चालकों और वाहन मालिकों की एक संयुक्त बैठक बुलाई जाएगी.दीपक दास ने कहा, "बैठक में विस्तृत चर्चा के बाद जो भी निर्णय लिया जाएगा, उसी के आधार पर चालकों के वेतन में बढ़ोतरी पर विचार किया जाएगा."
फिलहाल, सभी की निगाहें संगठन द्वारा बुलाई जाने वाली इस बैठक पर टिकी हैं, जिससे ईसीएल कुनुस्तोड़िया क्षेत्र के निजी वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है.


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