शांतिपुर, नदिया: नदिया जिले के ऐतिहासिक शहर शांतिपुर में अयोध्या की तर्ज पर एक भव्य राम मंदिर निर्माण की घोषणा ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। 'कवि कृत्तिवास राम मंदिर ट्रस्ट कमेटी' द्वारा प्रस्तावित इस परियोजना की लागत 100 करोड़ रुपये आंकी गई है। यह मंदिर शांतिपुर के चापातला इलाके में बनाया जाएगा, जिसके पोस्टर और बैनर पूरे शहर में चर्चा का विषय बने हुए हैं. ट्रस्ट का दावा है कि वे महाकवि कृत्तिवास ओझा की हस्तलिखित पांडुलिपि का हिस्सा फ्रांस से वापस लाएंगे. शांतिपुर के पूर्व विधायक अरिंदम भट्टाचार्य इस प्रोजेक्ट के पीछे मुख्य चेहरा माने जा रहे हैं।
इस घोषणा के बाद सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है:
तृणमूल कांग्रेस (TMC): स्थानीय विधायक ब्रजकिशोर गोस्वामी ने इसे 'निम्न स्तर की राजनीति' और आगामी चुनाव के लिए एक 'चुनावी हथकंडा' करार दिया है। उन्होंने मंदिर के लिए चुनी गई जगह के ऐतिहासिक महत्व पर भी सवाल उठाए हैं।
भाजपा (BJP): भाजपा सांसद जगन्नाथ सरकार ने मंदिर निर्माण का स्वागत तो किया, लेकिन ट्रस्ट की पारदर्शिता पर सवाल उठाए। उन्होंने अरिंदम भट्टाचार्य की वर्तमान राजनीतिक स्थिति (भाजपा या तृणमूल) पर भी तंज कसा।
पूर्व विधायक का जवाब: अरिंदम भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए कहा कि तृणमूल और भाजपा दोनों ही शांतिपुर के विकास और इसे आत्मनिर्भर बनाने की राह में रोड़ा अटका रहे हैं।
जनता में चर्चा
2026 के विधानसभा चुनाव से पहले हुई इस घोषणा को लेकर आम जनता के बीच भी बहस छिड़ गई है। लोग इसे भक्ति और सांस्कृतिक पुनरुत्थान के रूप में देख रहे हैं या केवल राजनीतिक लाभ के लिए बुना गया ताना-बाना, यह आने वाला समय ही बताएगा।

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