रानीगंज- "हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा" के जयघोष के साथ बांकुड़ा से आसनसोल के लिए निकली श्याम भक्तों की टोली सोमवार को रानीगंज पहुँची.रंग-बिरंगे निशानों और भजनों की धुन पर थिरकते श्रद्धालुओं का रानीगंज के श्याम मंदिर के समीप भव्य स्वागत किया गया.
75 किलोमीटर की कठिन पदयात्रा
बांकुड़ा के श्याम भक्त दीपक कुमार पोद्दार ने बताया कि यह 'श्याम प्रेमी बांकुड़ा' की ओर से आयोजित तीसरी विशाल पदयात्रा है.श्रद्धालुओं की यह टोली बांकुड़ा से पैदल चलकर आसनसोल स्थित श्याम मंदिर जाएगी. यह यात्रा कुल 75 किलोमीटर की है, जिसे तीन दिनों में पूरा किया जाएगा. बांकुड़ा से शुरू होकर यह टोली पहले दुर्गापुर और फिर रानीगंज पहुँची है, जहाँ से अब अंतिम पड़ाव आसनसोल की ओर प्रस्थान कर रही है.
भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत संगम
इस पदयात्रा की सबसे बड़ी विशेषता इसमें शामिल 100 निशान हैं. दीपक कुमार पोद्दार ने बताया कि इन निशानों में केवल खाटू श्याम बाबा ही नहीं, बल्कि भगवान शिव, गणेश जी, बालाजी और दादी जी के निशान भी शामिल हैं. इन सभी निशानों को आसनसोल के श्याम मंदिर में विधि-विधान के साथ अर्पित किया जाएगा.
रानीगंज पहुँचने पर पूरी टोली में उत्साह का माहौल दिखा,बीते संध्या रानीगंज के गिरजापाड़ा स्तिथ एक धर्मशाला में रात्रि विश्राम किया ,जहां भजन संध्या का आयोजन किया गया. हाथों में निशान लिए भक्त बिना किसी थकान के लगातार आगे बढ़ रहे हैं. पदयात्रियों का कहना है कि बाबा की कृपा से यह कठिन सफर भी उन्हें आनंददायक लग रहा है.


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