बांकुड़ा-अंतरराष्ट्रीय शांति और एकजुटता दिवस पर युद्ध और साम्राज्यवादी आक्रामकता के खिलाफ कड़ी निंदा करते हुए तथा फ़िलिस्तीन की जनता के प्रति एकजुटता जताते हुए आज सुबह ऑल इंडिया पीस एंड सॉलिडैरिटी ऑर्गेनाइजेशन (AIPSO) के आह्वान पर बांकुड़ा में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए।
बांकुड़ा जिला मूटिया मज़दूर यूनियन (CITU) के साथ मिलकर बांकुड़ा रेलवे स्टेशन क्षेत्र में तथा ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (AITUC) के साथ संयुक्त रूप से नूतनगंज क्षेत्र में जुलूस और सड़क सभाओं का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में समाज के विभिन्न वर्गों के लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और युद्ध-विरोधी लोग शामिल हुए।
बांकुड़ा स्टेशन रोड पर गूंजे नारे:
- “युद्ध नहीं, शांति चाहिए”
- “गाज़ा और फ़िलिस्तीन में इस्राइल का नरसंहार बंद करो”
- “अमेरिकी समर्थन से फ़िलिस्तीन को खत्म करने की साजिश के खिलाफ सब एक हों”
- “एशिया, अफ्रीका और लैटिन अमेरिका से अमेरिकी साम्राज्यवाद का हस्तक्षेप हटाओ”
- “साम्राज्यवादी मदद से होने वाले आतंकी हमले बंद करो”
- “भारतीय उत्पादों पर ट्रंप के 50% निर्यात शुल्क लागू करने के खिलाफ केंद्र सरकार सख्त कदम उठाए”
- “ट्रंप को खुश करने के लिए अमेरिका से कपास और अन्य सामान पर मोदी सरकार की आयात शुल्क छूट को वापस लो”
नारेबाज़ी करते हुए जुलूस बांकुड़ा रेलवे स्टेशन के सामने समाप्त हुआ, जहां AIPSO के बांकुड़ा उपाध्यक्ष तुषार हज़रा की अध्यक्षता में सड़क सभा का आयोजन किया गया। इसमें संगठन के दो महासचिव प्रताप मुखर्जी और भास्कर सिंह तथा अध्यक्ष मंडल के सदस्य बाबलू बनर्जी ने संबोधित किया।
नूतनगंज से निकला दूसरा जुलूस, AITUC के नेतृत्व में नूनगोला रोड, चकबाज़ार, रानीगंज मोड़ और रास्तला मोड़ से होते हुए नूतनगंज धर्मशाला के सामने AIPSO के साथ संयुक्त सभा में शामिल हुआ। यहां कल्याण सिंह, सर्वानी सिंह और प्रताप मुखर्जी ने सभा को संबोधित किया।
इसके अलावा, इन जुलूसों और सभाओं में AIPSO नेता उदय अधूर्ज्य और मानस भट्टाचार्य, तथा मजदूर आंदोलन के नेता संजू बराट, तपन दास और सोहराब मंडल मौजूद रहे। दोनों कार्यक्रमों में मूटिया मजदूरों की उपस्थिति खास रही।


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