कोलकाता-मुख्यमंत्री की तस्वीर लगाने की शर्त से विवाद
पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के लिए दिए जाने वाले सरकारी अनुदान को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद की शुरुआत नंदकुमार के विधायक सुकुमार डे के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने पंडालों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर लगाना अनिवार्य बताया। उनके इस बयान ने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है, और विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने इस पर तीखा कटाक्ष किया है।
विधायक ने दी अनुदान रोकने की चेतावनी
न्यूज एशिया की रिपोर्ट के अनुसार, नंदकुमार में दुर्गा पूजा समितियों को अनुदान वितरण कार्यक्रम के दौरान विधायक सुकुमार डे ने मंच से एक चौंकाने वाला बयान दिया। उन्होंने कहा कि जो भी पूजा समिति सरकारी अनुदान ले रही है, उसे अपने पंडाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की तस्वीर लगानी होगी। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि वह खुद पंडालों का दौरा करेंगे और यदि किसी जगह मुख्यमंत्री की तस्वीर नहीं मिली, तो अगले साल उसका अनुदान रोक दिया जाएगा।
शुभेंदु अधिकारी का तीखा हमला
विधायक के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने वीडियो पोस्ट करते हुए तंज कसा कि यह पैसा मुख्यमंत्री की निजी संपत्ति नहीं, बल्कि जनता के टैक्स का है। उन्होंने कहा कि विधायक जिस तरह से डांट रहे हैं, उससे ऐसा लगता है कि यह अनुदान उनकी पैतृक संपत्ति से दिया जा रहा है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में शुभेंदु ने राज्य सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार कर्ज लेकर क्लबों को अनुदान दे रही है, और यह किसी के बाप का पैसा नहीं है। उन्होंने आगे कहा कि नंदकुमार में लोकसभा चुनाव में भाजपा की बढ़त थी और अगले चुनाव में वे सुकुमार डे को 25,000 वोटों से हराएंगे।
विधायक ने दी सफाई, कहा - "धन्यवाद तो दें"
विवाद गहराने के बाद विधायक सुकुमार डे ने अपने बयान पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी लगातार कोर्ट केस के बावजूद पूजा समितियों को अनुदान दे रही हैं, लेकिन कई क्लबों ने न तो धन्यवाद दिया और न ही सरकारी योजनाओं को उजागर किया। उन्होंने तर्क दिया कि जब केंद्र की योजना होती है, तो प्रधानमंत्री की तस्वीर लगती है और दूसरे राज्यों में भी मुख्यमंत्री की फोटो होती है, तो बंगाल में ममता बनर्जी की तस्वीर क्यों नहीं होनी चाहिए?
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब राज्य सरकार हर साल दुर्गा पूजा आयोजनों को प्रोत्साहित करने के लिए हजारों क्लबों को वित्तीय सहायता देती है। अब अनुदान के साथ राजनीतिक शर्तें जुड़ने से यह मामला और गरमा गया है, जिससे आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में "राज्य बनाम विपक्ष" की लड़ाई और तेज होने की संभावना है।


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