कोलकाता-कोलकाता में इस साल दुर्गा पूजा के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए कोलकाता पुलिस ने अपनी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को और भी मजबूत करने का फैसला किया है। पिछले वर्षों की तुलना में इस बार, पुलिस पंचमी की बजाय तृतीया (16 अक्टूबर) की शाम से ही सड़कों पर तैनात हो जाएगी। इस फैसले का मुख्य कारण महालया के बाद से ही पूजा मंडपों में उमड़ रही अत्यधिक भीड़ है, जो सामान्य ट्रैफिक और वीआईपी मूवमेंट को प्रभावित कर रही है।
कोलकाता के पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के निर्देश पर इस व्यापक सुरक्षा योजना को तैयार किया गया है। शहर में 21,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिसमें महिला और पुरुष दोनों तरह के अधिकारी शामिल होंगे।
सुरक्षा और ट्रैफिक नियंत्रण के लिए प्रमुख इंतजाम
पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
विशेष निगरानी: शहर के 71 प्रमुख पूजा मंडपों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी, विशेषकर उन पूजा समितियों पर जो महिलाओं द्वारा संचालित हैं।
टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा, ड्रोन और दूरबीन का भी इस्तेमाल किया जाएगा।
अस्थायी कंट्रोल रूम: चेतला अग्रणी, सैराट क्लब, नाकतला, काशी बोस लेन, कुम्हारटोली पार्क और बागबाजार जैसे प्रमुख मंडपों के पास अस्थायी कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएंगे।
पुलिस कैंप: पूरे शहर में 100 से अधिक पुलिस कैंप लगाए जाएंगे।
गुप्तचरों की तैनाती: सादी पोशाक में महिला और पुरुष खुफिया अधिकारी भीड़ में तैनात रहेंगे।
छुट्टियाँ रद्द: सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी पुलिसकर्मियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी गई हैं।
जल निकासी योजना: बारिश की स्थिति में कोलकाता म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (KMC) के साथ मिलकर त्वरित जल निकासी की योजना तैयार की गई है।
ट्रैफिक नियंत्रण और शेड्यूल
दुर्गा पूजा के दौरान ट्रैफिक को सुचारू रूप से चलाने के लिए भी विशेष नियम बनाए गए हैं:
मालवाहनों पर प्रतिबंध: महालया के दिन सुबह 4 बजे से शाम 4 बजे तक गंगा किनारे के सभी इलाकों में ट्रक और मालवाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। तृतीया से नवमी तक, प्रतिदिन सुबह से अगली सुबह तक मालवाहनों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, गैस, दूध, सब्ज़ी, मछली और दवाओं जैसी आवश्यक सेवाओं से जुड़ी गाड़ियों को छूट दी जाएगी।
मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा: मेट्रो स्टेशनों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
सहयोगी संगठन: पुलिस के साथ एनसीसी, स्काउट और विभिन्न स्वयंसेवी संगठन भी सहयोग करेंगे।
ट्रैफिक शेड्यूल:
तृतीया-षष्ठी: सुबह 4 बजे से ट्रैफिक नियंत्रण शुरू होगा।
सप्तमी: सुबह 7 बजे से नियंत्रण शुरू होगा।
अष्टमी: सुबह 8 बजे से अगली सुबह 4 बजे तक ट्रैफिक नियंत्रित रहेगा।
पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा स्वयं पूरे शहर का निरीक्षण करेंगे, जबकि हर डिवीजन के डीसी, एसी, ओसी और एसआई को उनकी जिम्मेदारी वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने के लिए निर्देशित किया गया है। यह सारी व्यवस्था यह सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि लोग शांति और सुरक्षा के साथ पूजा का पूरा आनंद उठा सकें।




0 टिप्पणियाँ