बांकुड़ा जिले के जयपुर वन क्षेत्र में बांकुड़ा आरामबाग स्टेट हाईवे पर दो हिरण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। यह घटना 29 मार्च और 4 अप्रैल को हुई थी, जब एक अज्ञात कार तेज रफ्तार से आई और दोनों हिरणों को टक्कर मारकर भाग गई। सूचना मिलते ही जयपुर रेंज के वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और दोनों हिरणों को रेस्क्यू कर जयपुर रेंज कार्यालय ले आए।
पशु चिकित्सकों ने किया इलाज
तुरंत पशु चिकित्सकों को सूचना दी गई, जिन्होंने दोनों हिरणों का इलाज किया। पशु चिकित्सकों ने जख्मों पर 60 टांके लगाए और सर्जरी की। वन विभाग के अधिकारी और वनकर्मी दोनों हिरणों की देखभाल अपने बच्चों की तरह कर रहे थे।
तीन महीने बाद हिरण हुए फिट
तीन महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार डॉक्टर ने दोनों हिरणों को फिट सर्टिफिकेट दे दिया। सोमवार शाम को वन विभाग के निर्देश पर सेंट्रल सर्किल के मुख्य वन अधिकारी की मौजूदगी में दोनों हिरणों को जयपुर के घने जंगल में छोड़ दिया गया।
वन विभाग की पहल
वन विभाग ने जंगल से गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पर नजर रखनी शुरू कर दी है, ताकि वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। मामले की सूचना थाने में दे दी गई है, ताकि वाहन जंगल से गुजरते समय धीमी गति से चलें।
वन्य जीवों की सुरक्षा जरूरी
वन विभाग की इस पहल से वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह भी सुनिश्चित किया जा सकेगा कि वन्य जीव अपने प्राकृतिक आवास में सुरक्षित रूप से रह सकें।

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