रानीगंज- रानीगंज के बांसड़ा क्षेत्र स्थित नव निर्मित एक निजी अस्पताल में सोमवार को उस समय तनाव बढ़ गया, जब एक मरीज के परिजनों ने इलाज में घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की. परिजनों का दावा है कि अस्पताल ने मरीज रुखसाना परवीन(40) को पहले ट्यूमर बताया और अब कैंसर का खुलासा किया है, जिससे उनकी जान को खतरा है.
गलत निदान और रिपोर्ट में देरी का आरोप
मरीज रुखसाना परवीन के रिश्तेदार इमरान ने बताया कि फरवरी में रुखसाना को घुटने में ट्यूमर की शिकायत के साथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था. अस्पताल ने ट्यूमर का ऑपरेशन किया, लेकिन अब उन्हें बताया जा रहा है कि रुखसाना को कैंसर हो गया है. इमरान ने आरोप लगाया कि अस्पताल प्रबंधन इलाज से संबंधित रिपोर्ट मांगने पर हीला-हवाली कर रहा है और अब इलाज के लिए और पैसे की मांग कर रहा है. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी एकमात्र मांग है कि उनकी मरीज स्वस्थ हो जाए, क्योंकि इसी अस्पताल में ट्यूमर बताकर उनका ऑपरेशन किया गया था.
बायोप्सी रिपोर्ट छुपाने और नकद भुगतान की मांग
रुखसाना परवीन के भतीजे मोहम्मद हसनैन ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि दिसंबर में उनकी बुआ को पैर में ट्यूमर की आशंका के साथ इस अस्पताल में भर्ती किया गया था. फरवरी में उनका ऑपरेशन हुआ, लेकिन हालत में सुधार नहीं आया. एक महीने पहले उन्हें फिर से अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने कैंसर की आशंका जताई और बायोप्सी कराने को कहा. हसनैन का आरोप है कि बायोप्सी करने में भी देरी की गई. उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को बायोप्सी की गई थी और उसकी रिपोर्ट 15 मार्च तक आ गई थी, लेकिन अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी. आज, उन्हें मूल रिपोर्ट दी गई है, जिसमें कैंसर की पुष्टि हुई है.
कोलकाता में इलाज जारी, अस्पताल से मुआवजे की मांग
मोहम्मद हसनैन ने बताया कि उनकी बुआ रुखसाना परवीन को फिलहाल कोलकाता के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है. उन्होंने मांग की है कि अस्पताल प्रबंधन अब तक के इलाज में हुए सभी खर्चों का वहन करे और उनकी बुआ को स्वस्थ करके दे, क्योंकि यह सब अस्पताल की लापरवाही का नतीजा है. हसनैन ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि अस्पताल स्वास्थ्य साथी कार्ड स्वीकार नहीं करता और मरीजों के परिजनों से नकद भुगतान की मांग करता है. इतना ही नहीं, नकद लेने के बाद कोई रसीद भी नहीं दी जाती.
एक और बच्चे के साथ भी इसी तरह की घटना का दावा
हसनैन ने बताया कि उनकी बुआ के अलावा एक और बच्चे के साथ भी इसी तरह की घटना हुई है. उस बच्चे को भी गले मे ट्यूमर बताकर ऑपरेशन किया गया था, लेकिन अब उसके फेफड़ों में पानी भर गया है और वह भी जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है. यह घटना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करती है और स्थानीय प्रशासन से उचित जांच की मांग करती है.



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