रानीगंज- रानीगंज की एगरा ग्राम पंचायत के सदस्य अशोक हेला पर एक महिला को फ्लैट दिलाने का वादा कर 17.5 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने और बाद में उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगा है.महिला का दावा है कि फ्लैट का कब्ज़ा मांगने पर उसे न केवल दस्तावेज़ नहीं दिए गए, बल्कि उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकियां भी मिलीं.
पीड़ित महिला के अनुसार, उसने साहेबगंज बाईपास के पास स्थित कुंती अपार्टमेंट में एक फ्लैट के लिए अशोक हेला को कई किस्तों में कुल 17 लाख 29 हज़ार 600 रुपये का भुगतान किया था. शिकायत में बताया गया है कि फ्लैट पंजीकरण शुल्क और चेक के माध्यम से खरीदा गया था. महिला का आरोप है कि चाबी सौंपे जाने के बाद से ही अशोक हेला और उसके परिवार के सदस्यों ने उसे धमकी देना और प्रताड़ित करना शुरू कर दिया .
महिला ने आरोप लगाया है कि अशोक हेला, उसके भाई, भतीजे और परिवार के पांच अन्य सदस्यों ने उसे जबरन फ्लैट से निकाल दिया, फ्लैट का बिजली कनेक्शन काट दिया, और उसे शारीरिक तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया. इसके अलावा, पुलिस प्रशासन का डर दिखाकर, उसके बेटे रूपक और पति के साथ मारपीट की गई, और भविष्य में भी मारपीट करने की धमकी दी गई. महिला का दावा है कि तृणमूल नेता ने उसे चेतावनी दी थी कि अगर उसने मामले की शिकायत प्रशासन से की तो कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी.
पीड़ित महिला ने पहले रानीगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई और बाद में आसनसोल-दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट के महिला थाने में भी शिकायत दी. शिकायत के आलोक में रानीगंज थाने को लिखित शिकायत प्राप्त हुई है.
महिला ने पुलिस को लिखित शिकायत में बताया कि उसने 23 मार्च 2024 को अपने बेटे रूपक को अशोक हेला की दुकान पर रजिस्ट्री के लिए भेजा था, जिस पर अशोक और उसके चार अन्य साथियों ने रूपक की पिटाई कर दी, जिससे उसे सिर और पेट में चोटें आईं महिला ने यह भी आरोप लगाया कि 20 जून 2024 को शाम करीब चार बजे अशोक हेला और उसके परिवार के पांच अन्य सदस्य उसके घर में जबरन घुस आए और उसके साथ छेड़छाड़ व दुराचार किया.
इस मामले पर जब पंचायत सदस्य अशोक हेला ने महिला के आरोपों को झूठा बताते हुए कहा है कि महिला ने उनके खिलाफ झूठी शिकायत दर्ज कराने की साजिश रची है. उन्होंने दावा किया कि महिला ने फ्लैट की केवल 30% रकम जमा की थी और अब वह और पैसे नहीं देना चाहती, इसलिए उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रही है.
पुलिस ने बताया है कि महिला ने लगभग एक साल तीन महीने पहले किसी चौकी या थाने में शिकायत दर्ज नहीं कराई थी.पुलिस के अनुसार, महिला ने दो दिन पहले ही चौकी में आकर बताया था कि उसे एक साल तीन महीने पहले घर से निकाला गया था. हालांकि, 24 जून को उसने फिर थाने में लिखित शिकायत में बताया कि 20 जून को वह घर पर ही थी.पुलिस जांच में कई सवालिया निशान हैं, जैसे महिला बिना चाबी के घर में कैसे घुसी और पैसे देने के बाद कोई रसीद क्यों नहीं ली. शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है. पुलिस घर और आसपास के इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है.
वहीं रानीगंज के आसनसोल दक्षिण ग्रामीण प्रखंड तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष देवनारायण दास ने इस मामले पर कहा है कि वे इसकी जांच कर रहे हैं और अगर पुलिस जांच में जिस पर दोष साबित होता है, तो किसी भी दोषी व्यक्ति पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


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