मृत पति को जीवित करने की उम्मीद में पत्नी ने घंटों रखा शव संभालकर
पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में अंधविश्वास के चलते एक महिला ने अपने मृत पति के शव को कई घंटे तक संभालकर रखा, यह विश्वास करते हुए कि एक स्थानीय हकीम (कबीराज) उन्हें फिर से जीवित कर देगा। बाद में फुलिया पुलिस कैम्प के हस्तक्षेप के बाद महिला अंतिम संस्कार के लिए राज़ी हुई। सूत्रों के अनुसार, शांतिपुर थाना क्षेत्र के फुलिया मैदान पाड़ा इलाके के निवासी संजीत बसाक, जो पेशे से जुलाहे (तांत शिल्पी) थे, लंबे समय से ब्रेन ट्यूमर से पीड़ित थे। आरोप है कि स्थानीय पंचायत सदस्या द्वारा एम्स जैसी सरकारी चिकित्सा व्यवस्था उपलब्ध कराने के बावजूद उनकी पत्नी चंदना बसाक डॉक्टरों पर भरोसा नहीं कर रही थीं और एक हकीम से इलाज करवा रही थीं। रात में संजीत बसाक की मौत हो गई। इसके बाद जब परिवार के अन्य सदस्य उनका अंतिम संस्कार करना चाह रहे थे, तो चंदना बसाक ने इंकार कर दिया। उनका दावा था कि हकीम आएंगे और उनके पति को जीवित कर देंगे। सुबह तक वह शव के पास बैठी रहीं। इस बात के फैलते ही इलाके में हड़कंप मच गया। बाद में परिवार के अन्य सदस्यों और स्थानीय लोगों ने फुलिया पुलिस फांड़ी को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव के अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराई।
मुख्य पात्र:
1. मनोरंजन बसाक - स्थानीय पंचायत सदस्या के पति
2. गौरांग बसाक - मृतक के भाई

0 टिप्पणियाँ