जामुड़िया-विद्रोही कवि काजी नजरुल की जन्म स्थली चुरुलिया स्थित कवि तीर्थ चुरुलिया में 126वीं नजरूल जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को 45वें नजरूल मेले का आधिकारिक उद्घाटन प्रभात फेरी के साथ हुआ. यह पाँच दिवसीय मेला क्षेत्र में उत्सव का माहौल लेकर आया है.
सोमवार की सुबह एक रंगारंग शोभायात्रा चुरुलिया गांव से होते हुए सीधे नजरुल इस्लाम की मजार तक पहुंचा. इस अवसर पर राष्ट्रीय कवि काजी नजरुल इस्लाम के प्रस्तावित स्मारक के साथ-साथ उनकी पत्नी प्रमिला देवी की समाधि पर भी भावभीनी पुष्पांजलि अर्पित की गई.
नजरूल विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित इस पाँच दिवसीय मेले में संगीत, नृत्य और नाटक सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के लिए देश भर से जाने-माने कलाकार उपस्थित रहेंगे. प्रभात फेरी कार्यक्रम में नजरूल विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ. उत्तम मंडल, शांतनु बनर्जी और फारुक आजम जैसे प्रतिष्ठित व्यक्ति मौजूद रहे. डॉ. उत्तम मंडल ने बताया कि कोलकाता सहित विभिन्न क्षेत्रों के नामचीन कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे.
नजरूल विश्वविद्यालय में कार्यक्रम समाप्त होने के बाद, चुरुलिया सबुज संघ और बीएनआर क्लब ने भी कवि को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की. इस अवसर पर बीएनआर क्लब की ओर से कवि के पोते दीपू काज़ी, संगीतकार संजीबन बनर्जी और कवि नीलोत्पल रॉय चौधरी सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे. यह मेला नजरूल की समृद्ध साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का एक महत्वपूर्ण अवसर है.



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