बद्रीनाथ। उत्तराखंड के बद्रीनाथ से 3 किलोमीटर दूर माणा गांव में शुक्रवार सुबह खौफनाक मंजर देखने को मिला। अचानक ग्लेशियर टूट गया, जिससे 55 मजदूरों की जान फंस गई। हालांकि, बाबा बद्री की कृपा से सेना देवदूत बनकर आई और 49 मजदूरों को बचा लिया। लेकिन दुर्भाग्यवश बचाये गये मजदूरों में से एक की मृत्यु हो गयी। वहीं, चमोली जिले में अभी भी 6 जिंदगियां बर्फ में फंसी हुई हैं। सेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी और उत्तराखंड पुलिस के जवान इन 6 लोगों की जान बचाने के लिए 24 घंटे से ज्यादा समय से संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सफल नहीं हो पाए हैं। बर्फबारी के कारण घुटनों तक बर्फ जम गई है। वहां लगातार बर्फबारी हो रही है, जिसके कारण बचाव दलों को मौके पर पहुंचने में दिक्कत आ रही है। वहीं, सीएम पुष्कर सिंह धामी भी मैदान में उतर गए हैं। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। शुक्रवार को उत्तराखंड के माणा में ग्लेशियर टूटने से भारी हिमस्खलन हुआ। जिससे बीआरओ कैंप को नुकसान पहुंचा है। इस दौरान 55 मजदूर बर्फ में दब गए, जिनमें से 49 को बचा लिया गया है। लापता 6 लोगों की तलाश जारी है। एक मजदूर की मौत की सूचना है। हालांकि, अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
आज शनिवार को दूसरे दिन भी प्रशासन, सेना और एसडीआरएफ द्वारा बचाव कार्य जारी है। शनिवार को 25 घायल लोगों को ज्योर्तिमठ लाया गया। जहां उनका इलाज चल रहा है। सीएम धामी ने मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और घायल श्रमिकों से मिलकर उनका हालचाल जाना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के माणा के निकट हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया।
वहीं, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली जिले के माणा के पास हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया और मौके पर चल रहे राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया। इस दौरान सुरक्षित निकाले गए श्रमिक स्वस्थ हैं। इसके साथ ही बचाव कार्य में लगे सैन्य अधिकारियों व प्रशासनिक टीमों से विस्तृत जानकारी प्राप्त कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार संकट की इस घड़ी में प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रभावित श्रमिकों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रशासन, सेना और एसडीआरएफ की टीमें लगातार राहत कार्य में जुटी हुई हैं।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में केन्द्र सरकार भी बचाव कार्यों में पूरा सहयोग दे रही है। हमारी डबल इंजन सरकार हर परिस्थिति में नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है।
हिमस्खलन की चेतावनी जारी
उत्तराखंड के उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में हिमस्खलन की चेतावनी जारी की गई है। इसमें सबसे ज्यादा खतरा चमोली जिले को है। आपको बता दें कि शुक्रवार को उत्तराखंड के माणा में ग्लेशियर टूटने से भारी हिमस्खलन हुआ था। जिससे बीआरओ कैंप को नुकसान पहुंचा है।











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