रानीगंज: नंदलाल जालान फाउंडेशन के सहयोग से रविवार को स्पीच एंड हियरिंग एक्शन कमिटी की नई यूनिट "साहस" का उद्घाटन समारोह नंद लाल जालान फाउंडेशन के प्रांगण में संपन्न हुआ.इस अवसर पर समिति के अध्यक्ष विजय आचार्य ने कहा कि यह सेवा के क्षेत्र में एक नया प्रयास है, जिससे उन बच्चों को लाभ मिलेगा जो जन्म से ही(मूक-बधिर) सुनने और बोलने में असमर्थ होते हैं. उन्होंने बताया कि समिति की पहली यूनिट दुर्गापुर में कार्यरत है और अब दूसरी यूनिट के लिए नंदलाल जालान ट्रस्ट ने सहयोग का हाथ बढ़ाया है.
समिति के संस्थापक शंभू नाथ जाजोदिया ने इस अवसर पर कहा कि उन्होंने और उनकी पत्नी ने अपने व्यक्तिगत अनुभवों से प्रेरणा लेकर इस मिशन की शुरुआत 1995 से की थी. अब यह केवल एक परिवार की बात नहीं रही, बल्कि समाज के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बन चुकी है. आज न केवल भारत बल्कि विदेशों से भी अभिभावक अपने बच्चों के इलाज के लिए यहां आते हैं.
मूक बधिर विशेषज्ञ प्रो. मधुमिता जाजोदिया ने कहा कि जब इस यूनिट को स्थापित करने की योजना बनाई गई थी, तब संसाधनों की कमी और लोगों के विश्वास की चुनौती सामने थी,लेकिन आज, इस यूनिट से निकले बच्चे डॉक्टर, इंजीनियर और अन्य उच्च पदों पर कार्यरत हैं. उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा कमजोर नहीं होता, बस उसे सही मार्गदर्शन और मानसिक संतुलन की जरूरत होती है.
उद्योगपति बापी दे ने कहा कि ऐसे कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं होती. उन्होंने इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए हर संभव सहायता देने की बात कही.
समाजसेवी आर.पी. खेतान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि आज के समय में केवल दान देकर समाज सेवा संभव नहीं है, बल्कि योग्य बच्चों को तैयार करना भी आवश्यक है.
यूनिट के उपाध्यक्ष ललित क्याल ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके बच्चे का भी इस यूनिट से जुड़ाव रहा है
और इससे उसे काफी लाभ मिला. अब तक इस संस्था से लगभग 800 मुख बधिर छात्र बच्चे समाज के मुख्य धारा में आकर अपना जीवन यापन कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि संस्था के संस्थापक शंभू नाथ जजोदिया के सुपुत्र अंशु जाजोदिया जो बचपन से मूकबधिर थे, आज वह दुर्गापुर के एन आई आई टी कॉलेज में बतौर प्रोफेसर के रूप में कार्य कर रहे हैं .उन्होंने बताया कि रानीगंज के इस केंद्र में प्रत्येक गुरुवार को मूक बधिर बच्चों को प्रशिक्षण दी जाएगी एवं उनके अभिभावकों को यह बतलाया जाएगा कि किस प्रकार वह अपने घरों में इस तरह के बच्चों का परवरिश करें , साथ ही साथ इस मौके पर पांच वृद्ध ऐसे व्यक्ति जो कानों से कम सुनते थे उन्हें हियरिंग एड प्रदान किया गया. ललित कयाल ने बताया कि इसके पूर्व भी 75 कम सुनने वाले लोगों को हियरिंग एड प्रदान की जा चुकी है एवं यह परंपरा चलती रहेगी. उन्होंने आशा जताया कि रानीगंज के इस शाखा से सिर्फ रानीगंज ही नहीं बल्कि आसपास के इस तरह के मूक बधिर बच्चों लाभान्वित होंगे.
इस पूरे आयोजन का संयोजन मारवाड़ी महिला सम्मेलन के अध्यक्ष अंजू सतनालिका के नेतृत्व में किया गया. इस अवसर पर समाजसेवी अशोक सराफ सह बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित थे, जिन्होंने इस नई यूनिट की स्थापना को समाज के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया.

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