रानीगंज- बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में सीपीआईएम की रानीगंज एरिया कमेटी ने गुरुवार को बल्लभपुर में एक विरोध मार्च निकाला. इस मार्च में सीपीएम कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने बड़े पैमाने पर हिस्सा लिया.
केंद्र और राज्य सरकारों के खिलाफ नारेबाजी: विरोध मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य की सत्ताधारी पार्टियों के साथ-साथ अमेरिका के खिलाफ भी जमकर नारेबाजी की. प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि ये सभी ताकतें दुनिया भर में धर्म के नाम पर लोगों को लड़ा रही हैं.
सीपीआईएम नेता हेमंत प्रभाकर ने अपने संबोधन में कहा कि बांग्लादेश में जो हो रहा है, उसकी जड़ें शेख हसीना सरकार की तानाशाही नीतियों में हैं. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की हत्या के बाद बांग्लादेश में कट्टरपंथी ताकतें सिर उठा रही हैं.
प्रभाकर ने अमेरिका जैसे पूंजीवादी देशों को भी इस हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि अमेरिका दुनिया भर में पूंजीवाद फैलाने के लिए धर्म का इस्तेमाल कर रहा है.उन्होंने अंग्रेजों की 'फूट डालो और राज करो' की नीति का जिक्र करते हुए कहा कि आज भी यही नीति दुनिया में अशांति फैला रही है. भारत में भी भाजपा जैसे दक्षिणपंथी दलों के सत्ता में आने के बाद अल्पसंख्यकों पर अत्याचार बढ़े हैं. उन्होंने कहा कि सरकार गरीबी, महंगाई और बेरोजगारी जैसे मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए धर्म के नाम पर लोगों को बांट रही है. सीपीआईएम नेता ने कहा कि सांप्रदायिकता के खिलाफ लड़ाई पूंजीवाद के खिलाफ लड़ाई है. उन्होंने कहा कि वामपंथी हमेशा सांप्रदायिकता का विरोध करते आए हैं.

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