रानीगंज: सिख धर्म के नौवें गुरु, श्री गुरु तेग बहादुर जी का 346वां शहीदी दिवस रानीगंज में धूमधाम से मनाया गया। शिशु बागान मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया।
धर्म और मानवता के लिए बलिदान: गुरु तेग बहादुर जी की शहादत को धर्म और मानवता के लिए एक अद्वितीय बलिदान बताते हुए, अमृतसर से आए डॉ. सुखप्रीत सिंह अक्सर ने कहा कि गुरु साहिब ने धर्म, मानव अधिकार और सहिष्णुता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
रक्तदान शिविर और अन्य कार्यक्रम: इस अवसर पर सिख वेलफेयर सोसाइटी द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसके अलावा, गुरु का लंगर लगाया गया और नगर कीर्तन निकाला गया। पंज प्यारों की अगुवाई में गुरु ग्रंथ साहिब जी को पूरे शहर में घुमाया गया।
गणमान्य लोगों की उपस्थिति: कार्यक्रम में रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी, रानीगंज बोरो चैयरमेन मुजम्मिल शहजादा, समाजसेवी ओमप्रकाश बाजोरिया सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए।
गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का आयोजन: रानीगंज गुरुद्वारे के गुरु सिंह सभा की तरफ से पिछले 6 दिनों से विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। आज शिशु बागान फुटबॉल मैदान में एक विशाल लंगर का आयोजन किया गया जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया।
नगर कीर्तन और स्वेच्छा सेवी संगठनों की सेवा: नगर कीर्तन निकाला गया और शहर के विभिन्न इलाकों में स्वेच्छा सेवी संगठनों द्वारा श्रद्धालुओं की सेवा की गई।
गणमान्य लोगों के विचार: रानीगंज के विधायक तापस बनर्जी ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान को याद करते हुए कहा कि उनकी मिसाल रहती दुनिया तक याद की जाएगी। रानीगंज गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष बलजीत सिंह बग्गा ने गुरुओं की वाणी के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि गुरु तेग बहादुर ने मानव कल्याण के लिए अपने प्राणों की आहुति दी. उन्होंने धर्म की रक्षा के लिए अपने जीवन का त्याग किया. उन्होंने कहा कि हमारा यह शरीर नश्वर है लेकिन परमात्मा अजर अमर है और जो सच्चे मन से उस परमात्मा को मानेगा उसका नाश कभी नहीं हो सकता यही वजह है कि 349 सालों बाद भी आज गुरु तेग बहादुर को हम श्रद्धा के साथ याद करते हैं और उनकी वाणी का कीर्तन सुनकर अपने को धन्य करते हैं. उन्होंने कहा कि गुरुओं की वाणी से प्रेरित होकर सिख समुदाय के लोग हमेशा मानव सेवा देश सेवा राष्ट्र सेवा के लिए तत्पर रहते हैं. चाहे सीमा पर देश की सुरक्षा का सवाल हो या कोरोना के समय विपत्ति में पड़े लोगों की सेवा सिख समुदाय के लोगों ने हमेशा आगे बढ़कर समाज और मानव सभ्यता की सेवा की है.
सभी गणमान्य लोगों ने गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मत्था टेका और गुरु साहिब के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।





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