रानीगंज-रानीगंज के तिराट ग्राम पंचायत, निमचा कोलियरी क्षेत्र, मुर्गथोल फुटबॉल मैदान में 3 मार्च से 5 मार्च तक आदिवासी समुदाय के लोगों को विभिन्न सरकारी परियोजनाओं के बारे में जागरूक देने और उन्हें पश्चिम बंगाल में सरकार की गतिविधियों के बारे में जानकारी देने के लिए जय जोहार मेला आयोजित किया गया .जय जोहार मेले का उद्देश्य जागरूकता बढ़ाना है.रानीगंज सामुदायिक विकास विभाग द्वारा आयोजित जय जोहार मेला कार्यक्रम के पहले दिन रानीगंज पंचायत समिति की अध्यक्ष बबीता चौधरी, जिला लोक निर्माण पदाधिकारी सुबीर बनर्जी, लोक निर्माण पदाधिकारी सुभोदीप गोस्वामी, लोक निर्माण अधिकारी, विनोद नोनिया सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की. पहले दिन आकर्षण का केंद्र क्षेत्र के 10वीं और 12वीं कक्षा में अच्छे परिणाम लाने वाले आदिवासी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र दिया जाना है. इसके बाद म्यूजिकल चेयर कार्यक्रम शुरू हुआ. मेले के दौरान स्वास्थ्य जांच शिविर भी लगाया गया, इस शिविर में 100 से अधिक लोगों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई . इसके बाद दूसरे दिन आकर्षण का केंद्र आदिवासी विद्यार्थियों के लिए चित्रकारी प्रतियोगिता रही. प्रतियोगिता में कई विद्यार्थीयों ने हिस्सा लिया. इसके साथ ही युवा सदस्यों ने तीरंदाजी प्रतियोगिता में भाग लिया. बाद में आत्मनिर्भरता के लिए ब्लॉक स्तर पर चार स्वयं सहायता समूहों के सदस्यों को अच्छी गुणवत्ता वाली 40 बकरियां उपलब्ध कराई गईं.दस किसान परिवारों को उच्च गुणवत्ता वाली सब्जियों के बीज भी दिए गए, मेले के भीतर एक सांस्कृतिक संध्या भी आयोजित की गई. कई आदिवासी कलाकारों ने आदिवासी नृत्यों और गीतों सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया. बाद में मेले के अंतिम दिन खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया,जहां पंचायत क्षेत्र के खिलाड़ियों ने 38 स्पर्धाओं में भाग लिया. और इसके साथ ही दिन के इस समापन कार्यक्रम में आकर्षण का केंद्र भारत यात्रा प्रतियोगिता रही, जिसमें क्षेत्र की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया ,लेकिन इन सबके पहले मेले में नेत्र जांच शिविर लगाया गया, जिसमें करीब 56 मरीजों की जांच की गयी. इस शिविर से सभी को निःशुल्क दवाएँ प्रदान की जाती हैं और विभिन्न परामर्श प्रदान किये गये. तत्पश्चात पूरे मेले में सम्पन्न विभिन्न कार्यक्रमों एवं प्रतियोगी कार्यक्रमों में भाग लेकर सफल सदस्यों को आयोजक संस्था द्वारा पुरस्कृत किया गया. इसके बाद आदिवासी कलाकारों के आर्केस्ट्रा प्रस्तुति के साथ मेले का समापन किया गया. इस मेले को सुचारू रूप से संपन्न कराने के लिए इलाके के प्रधान शिवदास चट्टोपाध्याय, उपप्रधान लक्ष्मी हेम्ब्रम, पिछड़ा वर्ग विभाग पदाधिकारी राहुल मंडल आदि ने विशेष पहल की.


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