रानीगंज-अखिल भारतीय स्वर्णकार संघ द्वारा मंगलवार को काला दिवस मनाया गया. इस संदर्भ में रानीगंज स्वर्ण शिल्पी संघ के सचिव उत्पल सेन ने कहा कि 1962 में मुरारजी देसाई के शासनकाल में यह नियम हुआ था की 22 कैरट सोने का काम नही किया जा सकता. इस काला कानून के खिलाफ आंदोलन हुआ, लेकिन जब इस नियम को बदला नहीं गया तो कई स्वर्णकार कारीगरों ने एसिड पीकर आत्महत्या कर ली. इसी की याद में हर साल 9 जनवरी को काला दिवस मनाया जाता है. पहले रानीगंज ने स्वर्ण आभूषण के दुकानदार और कारीगर मिलकर इसे मानते थे लेकिन इस बीच कुछ समस्या हुई, इसके बाद सिर्फ कारीगर ही इस दिन को मनाते थे, लेकिन अब एक बार फिर से सभी दुकानदार और कारीगर मिलकर इस दिन को मना रहे हैं. उन्होंने बताया कि मंगलवार को रानीगंज में स्वर्ण आभूषण की सभी दुकानें बंद रहीं.











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