रानीगंज-ठंडी का मौसम आते ही पूरे बंगाल में एक चीज की सबसे ज्यादा मांग बढ़ जाती है,और वह है खजूर गुड़,जिसे बंगला में नलेन गुड़. कहते हैं की खजूर का गुड प्रकृति का वह वरदान है, जो सर्दी के मौसम में वह इंसान को प्रदान करती हैं, लेकिन खजूर के पेड़ से रस निकालकर गुड़ बनाना कोई आसान काम नहीं है. इसके लिए काफी मेहनत लगती है .रानीगंज के कुमार बाजार तथा बख़्तार नगर के बीच इलाके में खजूर के पेड़ों से रस निकालकर गुड़ बनाने का काम किया जाता है .इस बार इस इलाके में तकरीबन सात जगहों पर लोग कठिन परिश्रम करके खजूर के पेड़ से रस निकालकर उसे आग में तपाकर और अन्य विधियों से खजूर का गुड बनाते हैं. इस बारे में खजूर के पेड़ से रस निकालकर गुड़ बनाने वाले कारीगर हीरु ने बताया कि वह पिछले 26 वर्षों से यह काम कर रहे हैं ,और खजूर के रस से विभिन्न प्रकार के गुड़ बनाए जाते हैं. कुछ गुड़ तरल होते हैं तो कुछ को आग में जलाकर फेंटकर सख्त बनाया जाता है. बनाने की विधि के अनुसार गुड़ की कीमत तय होती है. उन्होंने कहा कि विभिन्न प्रकार के गुड़ होते हैं, जिनकी कीमत ₹70 से शुरू होती है,जो 200 रुपया प्रति किलो तक होती है. उन्होंने बताया कि यहां पर करीब 300 खजूर के पेड़ है.जिससे रोज प्रातः पेड़ पर चढ़ कर वह खजूर का रस एकत्रित करते है.




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