रानीगंज- संसद भवन में अगर गैर भाजपा संसद के अनुशंसा में हंगामा मचाने वाले युवक होते तो अभी तक भाजपा एवं गोदी मीडिया उन्हें देशद्रोही एवं आतंकवादी करार देते, पर सच तो यह है की भाजपा सांसद के अनुशंसा पर यह युवक संसद भवन में प्रवेश कर हंगामा मचाए, जिसके कारण भाजपा चुप है, साथ में सभी मीडिया भी चुप्पी साधे हुए है .यह बातें शुक्रवार को वामपंथी नेता विवेक चौधरी के स्मरण सभा के दौरान माकपा के राज्य महासचिव मोहम्मद सलीम ने वामपंथी नेता विवेक चौधरी के स्मरण सभा के दौरान रानीगंज के गिरजा पाड़ा स्थित बर्न्स यूनियन कार्यालय में एक श्रद्धांजलि सभा का दौरान किया गया. यहां आसनसोल के पूर्व सांसद वंश गोपाल चौधरी, माकपा के जिला सचिव गौरंगो चटर्जी, माकपा के राज्य कमेटी सदस्य अचिंतो मलिक,देवाशीष चक्रवर्ती, जामुड़िया के पूर्व विधायक जहांआरा खान , आभास राय चौधरी ,पार्थ मुखर्जी सहित तमाम वामपंथी नेताओं ने दिवंगत विवेक होम चौधरी को श्रद्धांजलि अर्पित की. मोहम्मद सलीम ने आगे कहा कि विवेक होम चौधरी ने हमेशा सही सवाल करना और अन्याय के खिलाफ विरोध करने पर जोर दिया, उसी तरह अपनी जिंदगी को उन्होंने जिया. मोहम्मद सलीम ने कहा कि दक्षिण पंथी लोग हमारे उसके में विभेद करते हैं।वह हमसे जुदा है उसके रीति रिवाज हमसे अलग हैं. इस तरह के विभाजन करने की साजिश रचते हैं.दक्षिण पंथी लोगों का यही शगल है. यहीं पर वामपंथ की अहम भूमिका आती है. वामपंथ अलग अलग मतवादों के बीच ब्रिज का काम करते हैं.मोहम्मद सलीम ने कहा कि यहां धार्मिक मतभेद की बात नही है बात है बहुसंख्यकवाद की. जो संख्या में ज्यादा है उसीकी चलेगी. इसी मानसिकता के खिलाफ ही संघर्ष करने की जरूरत है. वहीं पूर्व सांसद वंश गोपाल चौधरी ने कहा कि विवेक चौधरी एक महान वामपंथी नेता थे जिन्होंने ताउम्र श्रमिक हितों की रक्षा के लिए बिताया. वह पिछले कुछ महीनों से बीमार थे ,लेकिन फिर भी वह अपना काम करते रहे. हालाकि अंत के कुछ महीने वह पूरी तरह से शय्या पर चले गए थे. पूर्व सांसद ने कहा कि 1981 में सबसे पहले उनकी विवेक होम चौधरी से मुलाकात हुई थी.

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