रानीगंज-आखिर प्रशाशन की सारी तैयारी धरी- धरी की रह गयी. नहीं निकली रानीगंज की ऐतहासिक महावीर अखाड़ा, हालांकि पुलिस पिछले दो दिनों से काफी तत्पर है, तथा रानीगंज के पारंपरिक महावीर अखाड़ों को सुचारू ढंग से कराने के लिए विशेष रूप से सक्रिय भी थी , लेकिन किसी भी अखाड़ा कमिटी ने हिस्सा नहीं लिया . आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट की पुलिस महावीर अखाड़ों के आयोजन को लेकर व्यस्त थी . इसे लेकर पूरे रानीगंज शहर में जगह-जगह पुलिस गश्त, रूट मार्च भी किया गया. पुलिस प्रशासन की ओर से हर तरह के उपाय किये गये . कामबैट फोर्स, क्वीक ऐक्शन टीम ,वाटर कैनन सभी कुछ मौजूद थे. , इसके साथ ही पिछले वर्षों की तरह इस साल भी रानीगंज में विशेष पुलिस निगरानी रखी गयी . लेकिन इन सबके बाद इस साल भी रानीगंज का पारंपरिक महावीर अखाड़ा नहीं निकला.ज्ञात हो कि पुलिस द्वारा महावीर अखाड़ों को रानीगंज के रॉबिन सेन स्टेडियम में एक वर्षों के लिए आयोजित करने में सफलता मिली थी, बीते वर्ष एतवारी मोड़ पर पुलिस कैम्प बनाई गई थी,पर एक भी अखाड़ा कमिटी नहीं पहुंची. महावीर अखाड़ों को 2020 से पुराने रुट पर न ले जाने की वजह से पिछले तीन वर्षों से महावीर अखाड़ा कमिटीयां अपने मंदिरों और मोहल्लों में ही पूजा-अर्चना कर रही है .इस बार भी यही दृश्य देखा गया. रानीगंज के सभी महाबीर अखाड़ा दलों को देखने से यह बात स्पष्ट होती है.इस बार भी रानीगंज के अखाड़ा दल खाकी बाबा मंडली समेत रानीगंज के बारह अखाड़ा समूहों ने अपने रीति-रिवाज को बरकरार रखते हुए हनुमानजी के मंदिर में पूजा-अर्चना की और हनुमानजी का झंडा फहराया. आयोजकों का दावा है कि तत्कालीन पुलिस अधिकारियों ने उन्हें बरगलाकर कर महावीर अखाड़े की लाठी खेल की परंपरा को समाप्त कर दिया है. और जब तक यह उन्हें वापस पुराना रुट नहीं मिल जाता, वे अपनी मांगों पर अड़े रहेंगे. किसी भी प्रकार कोई भी अखड़ा कमिटि शोभायात्रा नहीं निकालेगी . इसलिए पुलिस प्रशासन की तैयारी के बाद भी महावीर अखाड़ा कमिटीयां अपनी मांगों पर अड़ी रहीं . कोजागरी लक्ष्मी पूजा के अगले दिन रानीगंज का प्राचीन धरोहर महावीर अखाड़ा निकाली जाती है,पर इस बार नहीं निकली .हालांकि इस संबंध में पुलिस प्रशासन की ओर से कहा गया उन्होंने बीते वर्ष की भांति इस बार भी पूरी व्यवस्था कर रखी थी,बीते दिनों की तरह अपनी ड्यूटी पूरी किया.



0 टिप्पणियाँ