रानीगंज-पंचायत चुनाव से पहले क्षेत्र में पानी की समस्या को समाप्त करने के लिए ओवर हेड टंकी बनाने के काम जेमेरी पंचायत अंतर्गत निमचा ग्राम में शुरू किया गया था, लेकिन पंचायत के पूर्व प्रधान व उनके पुत्र पर पंचायत के विकास में बाधा डालने व महिलाओं से अभद्रता करने का आरोप लगाया गया है. यह आरोप पंचायत सदस्य व कई ग्रामीणों ने लगाया है.जबकि पूर्व पंचायत प्रधान का कहना है कि उनके खिलाफ सभी आरोप झूठे हैं, उन्होंने उल्टा आरोप लगाया कि उनकी जमकर पिटाई की गई.जमेरी ग्राम पंचायत के निमचा क्षेत्र में सोमवार को इस मुद्दे को लेकर काफी तनावपूर्ण स्थिति उत्पन्न हो गयी. बाद में जब इस घटना की सूचना निमचा फांड़ी को दी गई तो पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला. घटना के संबंध में पंचायत सदस्य सुजीत बाउरी का कहना है कि पीएचई विभाग द्वारा उनके गांव के आरम्भ में ओवरहेड पानी की टंकी बनाने की पहल की गई है. करीब 8 करोड़ 20 लाख रुपये की लागत से इस जलापूर्ति की व्यवस्था करने के लिए उस टंकी के निर्माण से पहले मजदूर बोरिंग और मिट्टी परीक्षण के लिए आये थे ताकि यह जांच की जा सके कि उस हिस्से का भूभाग सही है या नहीं. उनका कहना है कि जब तंबु लगाकर वह अपना काम कर रहे थे तो विकास के कार्य में बाधा डाला गया. सुजीत बाउरी का कहना है कि स्थानीय लोगों ने इसका विरोध किया,आरोप है कि पुर्व पंचायत प्रधान जगन्नाथ बाउरी और उनके बेटे ने उन्हें काम करने से रोका. इससे काफी तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई. हालांकि पूर्व पंचायत प्रमुख जगन्नाथ बाउरी का दावा है कि वे कभी भी विकास के खिलाफ नहीं हैं, केवल झूठे प्रचार में आने के लिए वर्तमान पंचायत सदस्य उन पर और उनके बेटे पर झूठे आरोप लगाने की कोशिश कर रहे हैं. वह ग्रामीणों के खिलाफ गलत तरीके से झूठ फैलाकर अपनी लोकप्रियता बढ़ाने का आरोप लगाया, हालांकि इस संबंध में उस क्षेत्र में जमीन के मालिक तपादर परिवार के सदस्यों ने कहा कि जहां निर्माण कार्य हो रहा था उस जगह पर निर्माण से पहले उनसे कोई अनुमति नहीं ली गई थी. वे इस जल परियोजना का निर्माण चाहते हैं। लेकिन उसके लिए विशिष्ट एनओसी लेने की प्रक्रिया किसी ने नहीं की . निमचा चौकी के पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले को लेकर पुलिस ने दोनों पक्षों को बुलाया है ताकि मामले को सुलझाया जा सके.


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